नासिक में छात्र स्कूल पहुँचने के लिए नाला पार करते हैं (फोटो नवभारत)
नासिक

नाला पार कर स्कूल जाने को मजबूर छात्र, नासिक के देवलाली में जान जोखिम में डालकर स्कूल जाते हैं बच्चे

Nashik Students Cross Drain: देवलाली के शिंगवे बहुला स्कूल जाने के लिए बच्चे नाला पार करने को मजबूर हैं। बारिश में रास्ता बंद होने से छात्र संख्या 350 से घटकर 50 रह गई है।

आलोक उमाकृष्ण

Nashik Students Cross Drain To Reach School: नासिक जिले में देवलाली छावनी परिषद के वार्ड क्रमांक 7 स्थित शिंगवे बहुला के जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। यहां विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए नाले से होकर स्कूल पहुँचना पड़ रहा है।

बारिश के मौसम में नाले में उफान आने पर छात्रों का रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है, जिससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। स्कूल से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित चारणवाड़ी (पाषाणनगर) बस्ती की आबादी लगभग एक हजार है।

इस बस्ती से बड़ी संख्या में बच्चे शिंगवे बहुला के जिला परिषद स्कूल में पढ़ने आते हैं। हालांकि, उचित मार्ग न होने के कारण बच्चों को झाड़ियों और नाले के बीच से जान जोखिम में डालकर जाना पड़ता है।

आखिर कब-तक बच्चे ऐसे स्कूल जाएंगें

बारिश में जलस्तर बढ़ने पर बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई अभिभावकों ने अपने बच्चों को यहाँ से निकालकर करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित कैंटोनमेंट बोर्ड के स्कूल में दाखिल कराना शुरू कर दिया है।

शिक्षकों ने शिवयुवा प्रतिष्ठान के सहयोग से बच्चों के लिए अपने खर्च पर वैन सेवा भी शुरू की थी, लेकिन अभिभावकों का मानना है कि जब तक पक्की सड़क नहीं बनती, तब तक यह समस्या हल नहीं होगी।

350 से घटकर 50 रह गई छात्र संख्या

ग्रामसेवा मंडल के अध्यक्ष एवं युवासेना शहर प्रमुख प्रमोद मोजाड ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व तक इस स्कूल में छात्रों की संख्या 350 से अधिक थी। जनप्रतिनिधियों द्वारा सड़क मरम्मत का आश्वासन दिए जाने के बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

नतीजतन, दूरदराज के चक्कर काटने से परेशान अभिभावकों के कारण स्कूल की छात्र संख्या घटकर मात्र 50 रह गई है। उन्होंने नासिक जिलाधिकारी से इस गंभीर मामले का तत्काल संज्ञान लेकर सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है।

रास्ता बनने से बढ़ेगी छात्रों की संख्या

शिक्षकों और अभिभावकों का मानना है कि नाले पर पुल या सुरक्षित सड़क बनने से पाषाणनगर और आसपास के बच्चों के लिए स्कूल जाना आसान हो जाएगा, जिससे घटती छात्र संख्या में सुधार होगा। स्थानीय निवासियों ने नासिक के प्रशासन से छात्रों की सुरक्षा के हित में अविलंब स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।

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