

Nashik Wild Vegetable Seed Bank: नासिक जिले में पारंपरिक और औषधीय गुणों से भरपूर जंगली सब्जियों के संरक्षण, संवर्धन और उनकी उपलब्धता को बढ़ावा देने के लिए आगामी समय में एक समर्पित 'सीड बैंक' स्थापित करने के प्रयास किए जाएंगे। इसके माध्यम से इन अमूल्य वनौषधियों और पारंपरिक सब्जियों के संरक्षण को एक नई गति मिलेगी। यह महत्वपूर्ण घोषणा नासिक के जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने जिला स्तरीय जंगली सब्जी महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर की।
इस अनूठे महोत्सव का आयोजन कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (आत्मा), 'रामेती', माविम और रोटरी क्लब ऑफ नासिक के संयुक्त तत्वावधान में रामेती परिसर में किया गया। इस कार्यक्रम में जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी रवींद्र माने, आत्मा के परियोजना निदेशक अभिमन्यु काशिद और उप-विभागीय कृषि अधिकारी संदीप मेढे सहित बड़ी संख्या में महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्य और दूर-दराज से आए किसान उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने कहा कि प्रकृति द्वारा प्रदत्त जंगली सब्जियों में स्वास्थ्यवर्धक और औषधीय गुणों का महाभंडार है। इनके पारपरिक स्वरूप और मूल स्वाद को बरकरार रखते हुए खाद्य शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों को आधुनिक व्यंजनों के विकास पर काम करना चाहिए, उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सरकारी नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें ताकि किसानों और आम नागरिकों तक इनका अधिकतम लाभ पहुंच सके।
महोत्सव के दौरान आयोजित विशेष पाक कला प्रतियोगिता, आकर्षक प्रदर्शनी और बिक्री स्टॉलों के माध्यम से नागरिकों को जंगली सब्जियों की उच्च्च पौष्टिकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि जंगली सब्जियों के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) और एक स्थायी बाजार विकसित करने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का स्वयं दौरा कर प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक सब्जियों के महत्व को करीब से समझा और महिला समूहों के प्रयासों की सराहना की।
यह महोत्सव केवल खान-पान तक सीमित नहीं था, बल्कि यह ग्रामीण संस्कृति और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का एक बड़ा मंच साबित हुआ। विशेषज्ञो ने बताया कि आज के इस भागदौड़ भरे जीवन में रासायनिक उर्वरकों से मुक्त ये जंगली सब्जियां इम्यूनिटी बढ़ाने में बेहद कारगर है। कार्यक्रम के अंत में अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने और स्थानीय स्तर पर सीड बैंक के निर्माण की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई।