Simhastha Kumbh Roadwork Traffic Jam: सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर नासिक और सातपूर में विकास कार्यों का दौर जोरों पर है, लेकिन प्रशासन के कुप्रबंधन ने नागरिकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर भर में बिना किसी योजना के सड़कों को खोदकर छोड़ देने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।
मुख्य नासिक-त्र्यंबकेश्वर मार्ग पर बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के खुदाई करने से दिन भर भारी ट्रैफिक जाम लग रहा है। जो सफर 5 मिनट में तय होता था, उसमें अब आधा घंटा लग रहा है। इससे नौकरीपेशा, छात्र और श्रद्धालु बेहद परेशान हैं और अशोकनगर बस स्टॉप के पास भी यही स्थिति है।
कुंभ मेले के विकास कार्यों का सबसे अधिक असर नासिक के सातपूर औद्योगिक क्षेत्र पर दिखाई दे रहा है, जो मनपा को सर्वाधिक कर देने वाले प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है। आधी-अधूरी खुदी और संकरी सड़कों के कारण बड़े मालवाहक ट्रेलर घंटों जाम में फंस रहे हैं, जिससे औद्योगिक परिवहन और आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
दूसरी ओर, प्रमुख चौराहों पर पर्याप्त ट्रैफिक पुलिस बल की कमी से वाहन चालक मनमाने ढंग से वाहन चला रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। गड्ढों, मलबे और अधूरी पाइपलाइनों के कारण दोपहिया वाहन चालकों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे न केवल लोगों का समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि ईंधन की खपत भी बढ़ रही है और रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
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सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए करोड़ों रुपये का फंड मंजूर हुआ है, लेकिन जल आपूर्ति, सीवेज और पुलों के काम एक साथ शुरू करने से शहर का नियोजन फेल हो गया है। सूचना बोर्ड और वैकल्पिक मार्गों का अभाव स्थिति को और बिगाड़ रहा है।
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि खोदी गई सड़कों का काम तुरंत पूरा किया जाए, जाम वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस तैनात हो, भारी वाहनों का समय निर्धारित किया जाए और निर्माण स्थलों पर रिफ्लेक्टर व बैरिकेड्स लगाए जाएं। यदि प्रशासन ने तत्काल ध्यान नहीं दिया, तो तीव्र जन आक्रोश भड़कने की पूरी संभावना है।