शिवसेना उबाठा आंदोलन  (सोर्सः सोशल मीडिया)
नासिक

कुंभ मेला प्राधिकरण कार्यालय के सामने ठाकरे गुट का आंदोलन, राजाभाऊ वाजे के अपमान के विरोध में जताया आक्रोश

Flag Hoisting Ceremony Controversy: नासिक में सिंहस्थ कुंभ मेले के ध्वजारोहण समारोह में सांसद राजाभाऊ वाजे के साथ कथित अपमानजनक व्यवहार किए जाने के विरोध में उबाठा आंदोलन किया।

आंचल लोखंडे

Highlights:

  • सिंहस्थ कुंभ मेले के ध्वजारोहण समारोह में सांसद राजाभाऊ वाजे के कथित अपमान के विरोध में शिवसेना (उबाठा) ने आंदोलन किया।

  • प्रदर्शन कुंभ मेला प्राधिकरण कार्यालय के सामने किया गया, जहां पदाधिकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

  • आंदोलनकारियों ने कुंभ मेले के नियोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नाशिकवासियों की सहभागिता सुनिश्चित करने की मांग की।

Shiv Sena UBT Protest: सिंहस्थ कुंभ मेले के ध्वजारोहण समारोह में नासिक के सांसद राजाभाऊ वाजे के साथ कथित रूप से अपमानजनक व्यवहार किए जाने के विरोध में शिवसेना (उबाठा) पक्ष की ओर से सोमवार को सिंहस्थ कुंभ मेला प्राधिकरण के कार्यालय के सामने आंदोलन किया गया।

इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने प्रशासन की भूमिका पर कड़ी नाराजगी जताते हुए विरोध में नारे लगाए। आंदोलन के बाद शिवसेना पदाधिकारियों ने आयुक्त शेखर सिंह के कार्यालय पहुंचकर अपना आक्रोश व्यक्त किया और इस घटना पर नाराजगी दर्ज कराई।

निंदनीय व्यवहार

सिंहस्थ कुंभ मेला नासिक की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक अस्मिता से जुड़ा एक महत्वपूर्ण आयोजन है। इतने बड़े आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को उचित सम्मान देना और नासिककरों की सहभागिता सुनिश्चित करना आवश्यक है। लेकिन ध्वजारोहण जैसे महत्वपूर्ण समारोह में सांसद राजाभाऊ वाजे के साथ किया गया व्यवहार निंदनीय है, ऐसी भूमिका आंदोलनकारियों ने रखी।

नासिककरों के स्वाभिमान से किसी भी तरह का समझौता नहीं

इस अवसर पर शिवसेना गुटनेता तथा नगरसेवक केशव पोरजे ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के नियोजन में नासिकवासियों की सहभागिता, नासिक के जनप्रतिनिधियों का सम्मान और जनता की भावनाओं का आदर किया जाना चाहिए। सांसद राजाभाऊ वाजे के साथ किया गया दोयम दर्जे का व्यवहार केवल एक जनप्रतिनिधि का अपमान नहीं, बल्कि पूरे नासिक का अपमान है। कुंभ मेला नासिक का है और नासिककरों का है। इसलिए नासिककरों के स्वाभिमान से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

विभिन्न सामाजिक घटकों का सहयोग महत्वपूर्ण

उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के आयोजन में स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक घटकों का सहयोग महत्वपूर्ण है। इसलिए नियोजन से लेकर प्रत्यक्ष कार्यक्रमों तक नासिक के जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेना जरूरी है।

प्रशासन को ऐसे आयोजनों में प्रोटोकॉल और जनप्रतिनिधियों के सम्मान के संबंध में उचित सावधानी बरतनी चाहिए, ऐसी मांग भी इस दौरान की गई। इस आंदोलन में शिवसेना (उबाठा) पक्ष के सभी नगरसेवक, नगरसेविकाएं, पदाधिकारी और शिवसैनिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। ध्वजारोहण समारोह में कथित अपमान के मुद्दे को लेकर शहर का राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमाने के आसार हैं।

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