

भगूर नगराध्यक्ष प्रेरणा बलकवडे ने आयुक्त मनीषा खत्री को लिखित शिकायत दी।
धर्मध्वजारोहण समारोह में निर्धारित आसन से पीछे भेजने का आरोप।
नाशिक मनपा के पार्षदों के लिए विशेष बैठक व्यवस्था होने पर जताई नाराजगी।
भगूर के प्रतिनिधियों को केवल एक प्रवेशिका मिलने का दावा।
पालकमंत्री गिरीश महाजन सहित वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी शिकायत की प्रतियां।
Bhagur Nagadhyaksha Prerana Balakwade Complaint NMC Commissioner: नासिक -त्र्यंबकेश्वर में सिंहस्थ कुंभ के धर्मध्वजारोहण समारोह के दौरान भगूर नगर परिषद की नगराध्यक्ष प्रेरणा विशाल बलकवडे के साथ कथित भेदभावपूर्ण व्यवहार का मामला सामने आया है। उन्होंने 1 नवंबर को नासिक मनपा आयुक्त मनीषा खत्री को लिखित शिकायत देकर सभी स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों को समान सम्मान और प्रतिनिधित्व देने की मांग की।
नासिक , त्र्यंबकेश्वर में आयोजित सिंहस्थ कुंभ मेले के धर्मध्वजारोहण समारोह के दौरान भगूर नगर परिषद की नगराध्यक्ष के साथ कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। नगराध्यक्ष प्रेरणा विशाल बलकवडे ने 1 नवंबर को नासिक महानगरपालिका आयुक्त मनीषा खत्री को लिखित शिकायत देकर इस पर नाराजगी जताई है।
बलकवडे के अनुसार, उन्हें समारोह के लिए आधिकारिक प्रवेशिका दी गई थी। सुरक्षा जांच पूरी करने के बाद वे प्रवेशिका पर निर्धारित आसन व्यवस्था के अनुसार अपनी जगह पहुंचीं। हालांकि, वहां नासिक मनपा के पार्षदों के लिए विशेष बैठक व्यवस्था और सम्मान दिया जा रहा था।
शिकायत के मुताबिक, कार्यक्रम स्थल पर आयुक्त की ओर से उनकी पहचान पूछी गई। इस पर उन्होंने स्वयं को भगूर नगर परिषद की नगराध्यक्ष बताया। इसके बावजूद उन्हें निर्धारित स्थान से उठकर पीछे की ओर जाने के निर्देश दिए गए।
बलकवडे का कहना है कि प्रवेशिका की जांच और समारोह में उनकी उपस्थिति को लेकर सवाल किए जाने से उन्हें अपमानित महसूस हुआ। उन्होंने शिकायत में इस व्यवहार पर आपत्ति जताई है।
नगराध्यक्ष बलकवडे ने कहा कि नगराध्यक्ष स्थानीय स्वराज्य संस्था का महत्वपूर्ण निर्वाचित पद है। ऐसे में नासिक मनपा के जनप्रतिनिधियों को जो सम्मान और सुविधाएं दी जा रही हैं, वैसा ही सम्मान जिले की अन्य नगर परिषदों के जनप्रतिनिधियों को भी मिलना चाहिए।
उन्होंने शिकायत में यह भी उल्लेख किया कि नासिक मनपा के पार्षदों को उनके परिजनों के लिए अतिरिक्त प्रवेशिकाएं दी गई थीं, जबकि भगूर के प्रतिनिधियों को केवल एक प्रवेशिका मिली। इस व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए।
बलकवडे ने कहा कि सिंहस्थ कुंभ मेला केवल नासिक शहर या किसी राजनीतिक दल का आयोजन नहीं है, बल्कि पूरे जिले का धार्मिक और ऐतिहासिक पर्व है। इसलिए जिले की सभी स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों को उचित सम्मान और प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
उन्होंने अपनी शिकायत की प्रतियां पालकमंत्री गिरीश महाजन, विभागीय आयुक्त डॉ. प्रवीण गेडाम और जिलाधिकारी आयुष प्रसाद को भी भेजी हैं। फिलहाल इस मामले में आयुक्त या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।