Nashik Simhastha Kumbh Preparations: लगभग एक दशक से जिस तरह से देश के युवाओं में सनातन धर्म का क्रेज धार्मिक मेले अनुष्ठानों मे भागीदारी बढ़ रही है उसको देखते हुए नासिक कुंभ को लेकर सरकार प्रशासन और पुरोहित संघ एक ही स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं का सैलाब न टूट पड़े या यह कहा जाए की नासिक और त्रंबकेश्वर में अत्यधिक भीड़ के दबाव को कम करने के लिए तीन प्रमुख अमृत स्नान की तिथियां के अलावा 45 से 52 तक ऐसी अन्य स्नान की तिथियां निकाली जा रही है पुरोहित संघ का मानना है कि इन तिथियां पर भी स्नान करने से कुंभ के मुख्य स्नान पर्व की तिथियां के बराबर ही पुण्य का फल प्राप्त होगा।
यहां पर यह बता दिया जाए कि नासिक कुंभ की सारी तैयारी का ब्लूप्रिंट प्रयागराज महाकुंभ का आधार बनाकर तैयार किया जा रहा है और जिस तरह से प्रयागराज महाकुंभ में स्नान के अंतिम समय देश भर का युवा संगम में पवित्र डुबकी लगाने के लिए निकल पड़ा था और उसी का परिणाम था कि 50 किलोमीटर से लेकर 400 किलोमीटर दूर तक सड़कों पर जाम लग गया था। और इसी बात को ध्यान में रखकर मेला विकास प्राधिकरण के सहयोग से नासिक और त्रंबकेश्वर के पुरोहित संघ ने मुख्य स्नान पर्व के अलावा उक्त 50 तिथियां निकली है।
यहां पर विशेष उल्लेखनीय तथ्य भी है कि जहां नासिक में वैष्णो अखाड़े के द्वारा तीन अमृत स्नान किया जाता है तो वही त्रंबकेश्वर में संन्यासी और उदासीन अखाड़े के द्वारा पांच अमृत स्नान किया जाने की परंपरा है इसके अलावा ट्रामकेश्वर पुरोहित संघ के अध्यक्ष मनोज वि थेटे ने बताया कि अगस्त 2027 में 2 अगस्त को प्रथम शाही स्नान के साथ छह अन्य स्नान की मुख्य स्थितियां घोषित की की गई है यही नहीं 30अगस्त को ही दूसरा शाही स्नान भी होगा इसके अलावा 12 सितंबर 2027 में तीसरे अमृत स्नान के बाद तीन अन्य महत्वपूर्ण स्नान की तिथियां भी है इसके बाद अक्टूबर 2027 में दो नवंबर 2027 में दो स्नान पर्व
पुरोहित संघ के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 2028 में 21 मार्च में प्रथम पाप मोचनी एकादशी स्नान के बाद दो अन्य स्नान की तिथियां अप्रैल में एक मई तीन जून में और जुलाई में तीन वही इस संबंध में नासिक पुरोहित संघ के अध्यक्ष चंद्रशेखर नंद कुमार पंचाक्षरी का भी मानना है कि उक्त तिथियां को पंचांग के हिसाब से तैयार किया गया है और पुरोहित समाज का एक ही प्रयास है कि देश के कोने-कोने से जो भी श्रद्धालु या भक्त गोदावरी में कुंभ स्नान की पवित्र डुबकी लगाने आए उन्हें सरलता के साथ स्नान करने का मौका मिले।
31 अक्टूबर को संघर्ष के धर्म ध्वजा रोहण के बाद जहां कुंभ का आगाज या शुभारंभ होगा वही यह सिंहस्थ कुम्भ का समापन समारोह 24 जुलाई को होगा और इसी दिन धर्म ध्वजा उतार दी जाएगी और इस दौरान भी नासिक और त्रंबकेश्वर में सनातन धर्म के बड़े गुरुओं की मौजूदगी देखने को मिलेगी इस विषय में त्रंबकेश्वर पुरोहित संघ के अध्यक्ष का कहना है कि कुंभ के समापन समारोह में द्वारिका पीठ के शंकराचार्य को बुलाने के लिए निमंत्रण भेजा जा चुका है।