Farmers Protest Nashik: प्रस्तावित रिंग रोड के गलत अलाइनमेंट और भूमि अधिग्रहण की विसंगतियों को दूर करने के लिए प्रभावित किसानों द्वारा जिला प्रशासन को दिया गया। अल्टीमेटम सोमवार को समाप्त हो गया। प्रशासनिक स्तर पर इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम न उठाए जाने से नाराज किसानों ने आंदोलन की राह ले ली है। सोमवार 8 जून सुबह 11 बजे छावा क्रांतिवीर सेना के नेतृत्व में प्रभावित किसानों ने एकजुट होकर भाजपा के शहर कार्यालय का घेराव किया।
आगामी सिंहस्थ कुंभमेले के दौरान शहर में होने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन द्वारा 66.5 किलोमीटर लंबा बाहरी रिंग रोड बनाने की योजना है। वर्तमान में जिला प्रशासन इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चला रहा है। किसानों का आरोप है कि इस सड़क के त्रुटिपूर्ण अलाइनमेंट के कारण उनकी उपजाऊ कृषि भूमि और आवासीय मकान इसकी जद में आ रहे हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। यही वजह है कि परियोजना से प्रभावित अधिकांश गांवों में इस रिंग रोड का कड़ा विरोध हो रहा है।
इस विवाद को सुलझाने के लिए जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने समय-समय पर किसानों के साथ बैठकें की थीं और सकारात्मक समाधान का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद कोई हल न निकलने पर पिछले सप्ताह किसानों ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवाल के आवास के बाहर तीव्र प्रदर्शन किया था। तब मंत्री झिरवाल ने जिलाधिकारी को इस मुद्दे पर सोमवार तक अंतिम निर्णय लेने के निर्देश दिए थे, और किसानों ने भी सोमवार तक का ही समय दिया था। लेकिन प्रशासन की निष्क्रियता को देखते हुए किसानों ने अब सत्तारूढ़ दल के कार्यालय को घेरने का फैसला किया है।
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भूमि अधिग्रहण और रूट की खामियों को लेकर किसानों में गहरा रोष है। आंदोलन की अगुवाई कर रहे संगठनों का कहना है कि वे अपनी मांग पूरी होने तक पीछे नहीं हटेंगे।