

Farmers Protest Called Off In Gadchiroli: प्रस्तावित गड़चिरोली हवाईअड्डा परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर राज्य सरकार द्वारा अस्थायी रोक लगाए जाने के बाद किसानों ने अपना अनिश्चितकालीन आंदोलन वापस ले लिया। 2 दिनों से हजारों किसान अपने परिवारों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरने पर बैठे थे। देर रात तक चली वार्ता के बाद यह गतिरोध समाप्त हुआ। राज्यमंत्री तथा जिले के सहपालकमंत्री एड। आशीष जायसवाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के प्रतिनिधि के रूप में आंदोलन स्थल का दौरा किया और किसानों से विस्तृत चर्चा की।
बैठक में उन्होंने घोषणा की कि हवाईअड्डा परियोजना के लिए चल रही भूमि अधिग्रहण की आगे की प्रक्रिया फिलहाल अस्थायी रूप से स्थगित की जा रही है। इस संबंध में जिला प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन भी किसानों को सौंपा गया। जायसवाल ने बताया कि परियोजना के संबंध में अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ विस्तृत चर्चा के बाद लिया जाएगा। उन्होंने आंदोलन की स्थिति और किसानों की मांगों की जानकारी मुख्यमंत्री को दूरभाष पर दी, जिस पर मुख्यमंत्री ने भी सहमति जताई।
उल्लेखनीय है कि गड़चिरोली हवाईअड्डा परियोजना के लिए शिरापुर चक, गुरुवला, हीरापुर तथा राखी गांवों की कुल 311.81 हेक्टेयर सरकारी, निजी तथा वन भूमि अधिग्रहित करने का प्रस्ताव है। इसके लिए राज्य सरकार ने 12 मई 2026 को 104 करोड़ 48 लाख 64 हजार 239 रुपये की प्रशासनिक तथा वित्तीय मंजूरी प्रदान की थी। इसी निर्णय के विरोध में किसान आंदोलन कर रहे थे।
किसानों को संबोधित करते हुए सहपालकमंत्री ने कहा कि सरकार विकास कार्यों के पक्ष में है, लेकिन स्थानीय नागरिकों और किसानों के हितो को भी समान महत्व देती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी परियोजना को जबरन लागू करने के पक्ष में नहीं है और विकास तथा जनहित के बीच संतुलन बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पूर्व में भी किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए हवाईअड्डा परियोजना का स्थान बदला गया था। इस बार भी स्थानीय परिस्थितियों और किसानों की भावनाओं को ध्यान में रखकर ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने अपना आंदोलन वापस लेने की घोषणा की। भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन में कांग्रेस नेता महेंद्र ब्राम्हणवाडे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जबकि विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी किसानों को समर्थन दिया। पूरी प्रक्रिया के दौरान जिलाधिकारी कार्यालय में किसान प्रतिनिधियों के साथ कई चरणों में चर्चा हुई। इस अवसर पर विधायक डा। मिलिंद नरोटे, प्रभारी जिलाधिकारी नितिन गावंडे, जिला पुलिस अधीक्षक एम। रमेश तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इसके अलावा चामोर्शी औद्योगिक क्षेत्र के पांचवें चरण के अंतर्गत लॉयड् तथा जेएसडब्ल्यू परियोजनाओं के लिए चल रही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर भी उन्होंने महत्वपूर्ण घोषणा की। संबंधित किसानों तथा नागरिकों को आपत्ती व सुझाव दर्ज कराने के लिए 90 दिनों की अतिरिक्त समय-सीमा देने का आश्वासन दिया गया है। इस अवधि में आगे की कार्रवाई स्थगित रहेगी और सभी पक्षों की बात सुनने के बाद निर्णय लिया जाएगा।