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नासिक रिंग रोड और हाईवे क्रमांक 29 से प्रभावित किसानों के अलाइनमेंट संबंधी मुद्दों की तकनीकी जांच कर अंतिम रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
विभागीय आयुक्त डॉ. प्रवीण गेडाम ने छावा क्रांतिवीर सेना के संस्थापक अध्यक्ष करण गायकर के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल को कार्रवाई का भरोसा दिया।
किसानों ने गवलवाड़ी वैकल्पिक मार्ग की तकनीकी जांच करने और घरों व बागायती जमीनों को होने वाला नुकसान कम करने की मांग की।
Nashik Ring Road: नासिक रिंग रोड और हाईवे नंबर 29 से प्रभावित किसानों को न्याय दिलाने के लिए अलाइनमेंट की तकनीकी जांच कर अंतिम रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। यह आश्वासन विभागीय आयुक्त डॉ. प्रवीण गेडाम ने छावा क्रांतिवीर सेना के संस्थापक अध्यक्ष करण गायकर के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल को दिया।
दोनों पक्षों के बीच करीब दो घंटे तक सकारात्मक बैठक हुई। बैठक में गवलवाड़ी वैकल्पिक मार्ग पर विचार करने और मुआवजे की दरों में अंतर दूर करने की मांग की गई। गायकर ने आठ दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई करने की मांग रखी। गेडाम ने प्रभावित किसानों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया।
बैठक में एमएसआईडीसी द्वारा निर्धारित अलाइनमेंट की तकनीकी खामियों, अनावश्यक मोड़ों, घरों और बागायती जमीनों को होने वाले नुकसान तथा उपलब्ध सरकारी सड़कों और वैकल्पिक मार्गों पर विस्तार से चर्चा हुई। गायकर ने कहा कि ऐसा व्यावहारिक विकल्प चुना जाना चाहिए, जिससे किसानों का नुकसान न्यूनतम हो। गवलवाड़ी वैकल्पिक मार्ग की तकनीकी जांच कर गंभीरता से विचार करने की मांग भी की गई।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ 3 अक्टूबर को मंत्रालय में हुई बैठक का आधिकारिक कार्यवृत्त 2 नवंबर को मुख्यमंत्री कार्यालय से नासिक जिलाधिकारी कार्यालय को प्राप्त हुआ। इसमें भूमि अधिग्रहण कानून, 2013 की धारा 107 और 108 के तहत मुआवजे की दरों में अंतर दूर करने के लिए समीक्षा और विशेष प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं। रिंग रोड के करीब 15 गांवों के भूमि अधिग्रहण के फैसले अभी घोषित नहीं हुए हैं। किसानों ने इन गांवों की जमीनों का पुनर्मूल्यांकन कर उचित और बढ़ा हुआ मुआवजा देने की मांग की।
गायकर ने जिलाधिकारी से आठ दिनों में अलाइनमेंट की पुनर्जांच, वैकल्पिक मार्ग पर विचार, मुआवजे का विशेष प्रस्ताव और लंबित पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश और आयुक्त का आश्वासन केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने पर किसानों ने लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने की चेतावनी दी। बैठक में दीपक हगवणे, अक्षय कातड, सुदर्शन पाटील, पंकज खताले, शिवाजीराव डांगले, भारत पिंगले, प्रवीण पाटील सहित प्रभावित गांवों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।