प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
नासिक

नासिक मनपा चुनाव: राकांपा–शिवसेना की युति, ‘इलेक्टिव मेरिट’ पर फैसला; महायुति क्यों टूटी?

NCP Shiv Sena Alliance: नासिक मनपा चुनाव के लिए राकांपा और शिवसेना ने ‘इलेक्टिव मेरिट’ के फॉर्मूले पर एक साथ चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। भाजपा से स्पष्ट संकेत न मिलने के कारण महायुति टूट गई।

अंकिता पटेल

Nashik Municipal Election: नासिक महानगरपालिका चुनाव के लिए राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और शिवसेना ने 'इलेक्टिव मेरिट' (जीतने की क्षमता) के फॉर्मूले पर एक साथ चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। होटल 'ट्रीट' में आयोजित एक संयुक्त पत्रकार परिषद में मंत्री नरहरी झिरवाल ने इस युति की आधिकारिक पुष्टि की।

क्यों टूटा महायुति का साथ ?

नेताओंने स्पष्ट किया कि उनकी पहली प्राथमिकता राज्य की तरह यहां भी 'महायुति' (भाजपा-शिवसेना-राकांपा) के रूप में चुनाव लड़ने की थी। गठबंधन को लेकर कई दौर की बैठकें हुई, लेकिन नामांकन के अंतिम समय तक भाजपा की ओर से कोई स्पष्ट संदेश या सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। कार्यकर्ताओं को लंबे समय तक दुविधा में न रखने के उद्देश्य से राकांपा और शिवसेना ने एकजुट होकर मैदान में उतरने का फैसला किया।

सियासी रण में 'इलेक्टिव मेरिट' का मास्टरस्ट्रोक

सीटों के बंटवारे को लेकर मंत्री झिरवाल ने साफ किया कि किसी भी दल में कोई विवाद नहीं है। उन्होंने बताया कि चुनाव 'इलेक्टिव मेरिट' फॉर्मूले पर लड़ा जाएगा। जिस वार्ड में जिस पार्टी का उम्मीदवार जीतने की अधिक क्षमता रखता होगा, उसे ही मौका दिया जाएगा, पूर्व सांसद समीर भुजबल ने कहा कि नासिक के विकास से जुड़े कार्यों को गति देना ही उनकी मुख्य प्राथमिकता रहेगी।

दिग्गजों की मौजूदगी और भरोसा

  • पत्रकार परिषद में पूर्व सासद हेमंत गोडसे, विधायक हिरामण खोसकर, शिवसेना के विजय करंजकर, सूर्यकांत लवटे, राकांपा शहर अध्यक्ष रंजन ठाकरे और अन्य प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे।
  • विजय करंजकर ने कहा कि हमने 'बड़े भाई' (भाजपा) के निर्णय की अंतिम क्षणो तक प्रतीक्षा की, लेकिन कोई संदेश न आने पर कार्यकर्ताओं के हित में यह कदम उठाना पड़ा।
  • नेताओं को विश्वास है कि राकांपा-शिवसेना का यह गठबंधन नासिक में बड़ी सफलता हासिल करेगा।

हर शनिवार को बंद रहेंगे बैंक, वित्त मंत्रालय की नोटिफिकेशन सोशल मीडिया पर वायरल, जानें क्या है सच?

स्मित मच्छार के साहस ने याद दिलाया 1986 का वो हमला, जिसमें नीरजा भनोट ने आतंकी से लड़कर बचाई थी सैंकड़ों जाने

UPSC Centenary: PM नरेंद्र मोदी ने जारी किया स्मारक डाक टिकट-सिक्का, कैप्टन स्मित की बहादुरी का किया जिक्र

कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार? कभी परिवार के टेक्सटाइल बिजनेस में बनाने वाले थे करियर, सब छोड़कर बन गए पायलट

फॉर्म 6 के बाद अब फॉर्म 7 पर रार! SIR पर कांग्रेस नेताओं का ताबड़तोड़ प्रहार, क्या बोल गए डीके शिवकुमार ?