सड़क हादसे में आर्थिक सहायता (सोर्स: AI) 
नासिक

एक हादसा, दो फैसले: मदद में भी नासिक मनपा का भेदभाव! एक को 10 लाख, दूसरे को अब भी है इंतजार

Nashik Municipal Corporation: नासिक में सड़क हादसे में मृत प्रभाकर निकम के परिवार को अब तक आर्थिक सहायता नहीं मिली, जबकि दूसरे मामले में मनपा ने 10 लाख रुपये दिए, जिससे लग रहे भेदभाव के आरोप।

आलोक उमाकृष्ण

Nashik Municipal Corporation Compensation Dispute: कुंभ मेले की तैयारियों के तहत शहर में चल रहे सड़कों के घटिया निर्माण कार्य के कारण हुए हादसे में प्रभाग क्रमांक 26 के प्रभाकर निकम की दर्दनाक मौत हो गई थी। लेकिन घटना को काफी समय बीत जाने के बाद भी उनके परिवार को नासिक मनपा की ओर से कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली है।

दूसरी ओर, इसी तरह की एक अन्य दुर्घटना में मृतक के परिवार को मनपा ने तत्काल 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर दी। इससे मनपा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं और उस पर भेदभाव का आरोप लगाया जा रहा है। सातपुर-अंबड लिंक रोड पर जानलेवा गड्ढों के कारण हुए हादसे में प्रभाकर निकम की मृत्यु हो गई। इस घटना से निकम परिवार का सहारा छिन गया। परिवार के मुखिया रहे प्रभाकर निकम के निधन के बाद उनके वृद्ध माता-पिता, पत्नी, युवा बच्चों तथा पूरे परिवार पर आर्थिक और मानसिक संकट आ गया है।

आर्थिक सहायता की आवश्यकता

परिवार के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है और उन्हें तत्काल आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नगरसेवक निवृत्ती इंगोले ने नासिक महानगरपालिका से विशेष प्रकरण मानते हुए प्रभाकर निकम के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उन्होंने यह प्रस्ताव तत्काल स्थायी समिति के समक्ष रखकर मंजूर करने की भी मांग की है।

हालांकि अब तक इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है। इसी बीच, प्रभाग क्रमांक 9 में सड़क निर्माण कार्य के दौरान हुई दुर्घटना में मृतक के परिवार को मनपा ने तत्काल 10 लाख रुपये की सहायता प्रदान कर दी। उल्लेखनीय है कि प्रभाकर निकम की दुर्घटना इस घटना से पहले हुई थी। इसके बावजूद उनके परिवार को सहायता से वंचित रखे जाने से मनपा प्रशासन की निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।

सातपुर क्षेत्र में इस मामले को लेकर अब राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि प्रभाग क्रमांक 9 के नगरसेवक सत्तारूढ़ दल से होने के कारण उनकी मांग तत्काल स्वीकार कर ली गई, जबकि प्रभाग क्रमांक 26 के नगरसेवक विपक्ष से होने के कारण उनकी मांग की अनदेखी की जा रही है। स्थानीय नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि प्रशासन के लिए नागरिक का जीवन अधिक महत्वपूर्ण है या उसकी राजनीतिक पहचान।

प्रतिक्रिया

नगरसेवक निवृत्ती इंगोले ने कहा कि सड़क पर गड्ढों के कारण यह हादसा हुआ है। ऐसी स्थिति में मृतक के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता देना नासिक महानगरपालिका की सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी है। मैं लगातार इस मामले का पीछा कर रहा हूं, लेकिन प्रशासन जानबूझकर अनदेखी कर रहा है, ऐसा संदेह होता है।

मृतक के भाई पंकज निकम का यह है कहना सड़कों के गड्ढे भरने में विफल मनपा प्रशासन अब मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने में भी भेदभाव कर रहा है। एक परिवार को तुरंत मदद और दूसरे की फाइल लालफीताशाही में अटकाना मनपा के दोहरे रवैये को उजागर करता है।

Weather Update: देश भर में बारिश से हाहाकार! गुरुग्राम में हालात बेकाबू, 12 राज्यों में IMD का अलर्ट

आंध्र शराब परिवहन घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, पूर्व विधायक करुमुरी वेंकट नागेश्वर राव गिरफ्तार

ABGH Recruitment 2026: सीनियर रेजिडेंट के 7 पदों पर भर्ती, ₹2.08 लाख तक सैलरी, जानें योग्यता और चयन प्रक्रिया

UP की महिलाओं का कमाल! 5 मिल्क कंपनियों ने 5,716 करोड़ का किया कारोबार, 3.88 लाख महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर

CJP के दीपके ने किसे बताया देश का सबसे बेस्ट PM? इन नेताओं को बताया बेस्ट CM