Nashik Kumbh Mela Scam 2026: आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले के रखरखाव और बुनियादी ढांचे के कार्यों के नाम पर चल रहे एक बहुत बड़े फर्जीवाड़े और वसूली रैकेट का नासिक में पर्दाफाश हुआ है।राज्य के मंत्री गिरीश महाजन ने खुद इस मामले की शिकायत की है। हैरानी वाली बात ये है कि इस मामले में उनके रिश्तेदार का नाम सामने आया है। पुलिस ने महाजन के रिश्तेदार को हिरासत में लिया है मामले की जांच की जा रही है।
शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि करीब 541 करोड़ रुपये के फर्जी कार्य आदेश तैयार कर ठेकेदारों और आम युवाओं से करोड़ों रुपये ऐंठे गए हैं। मामले की भनक लगते ही राज्य के मंत्री गिरीश महाजन ने नासिक के पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक से शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद नासिक और जलगांव पुलिस एक्शन मोड में आ गई है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जामनेर से तनय महाजन और नरेंद्र महाजन को हिरासत में लिया है। जांच अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तनय महाजन मंत्री गिरीश महाजन के दूर के रिश्तेदार हैं। इसके अलावा ओझर (जामनेर) निवासी तीसरे संदिग्ध अक्षय राजपूत को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
दूसरी ओर, इस पूरे सिंडिकेट में शामिल शिक्षक व स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ता अहमद शमशुद्दीन मौका देखकर फरार हो गया है, जिसकी सरगर्मी से तलाश जारी है। पुलिस को शक है कि गिरफ्तार शलार्थ आईडी घोटाले के आरोपी संजय गरुड़ से भी इस गिरोह के तार जुड़े हो सकते हैं।
जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह पिछले कई सालों से युवाओं और ठेकेदारों को निशाना बना रहा था। आरोपियों ने पीड़ितों को ग्राम सेवक, पुलिस पाटिल और शिक्षक जैसी सरकारी नौकरियों का झांसा देकर भोले-भाले युवाओं से सीधे नकद रकम वसूली।
कई युवाओं ने नौकरी और ठेका पाने के लिए अपनी पैतृक जमीनें तक गिरवी रख दीं। एक ठेकेदार से ही कुंभ मेले के फर्जी टेंडर दिखाकर 3 करोड़ 5 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया गया है। इस मामले का शिकार हुए लोगों का कहना है कि उनको न तो कोई काम मिला और न ही उनके पैसे वापस दिए गए।
जलगांव जिला और जामनेर शहर मंत्री गिरीश महाजन का गृह निर्वाचन क्षेत्र है। इसका फायदा उठाकर आरोपी मंत्री का करीबी या रिश्तेदार होने का ढोंग रचते थे और लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।
खुद मंत्री गिरीश महाजन ने इस वसूली रैकेट पर गहरा संदेह व्यक्त करते हुए पुलिस से निष्पक्ष और कठोर जांच की मांग की है। फिलहाल नासिक और जलगांव पुलिस संयुक्त रूप से गिरोह के अन्य सदस्यों और वित्तीय लेनदेन की गहनता से पड़ताल कर रही है।