गिरीश महाजन पर नहीं है भरोसा! कुंभ मेले की तैयारियों पर संतों की नाराजगी, बोले सीएम फडणवीस, खुद करें निगरानी

Girish Mahajan Kumbh Mela: नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले की धीमी तैयारियों पर संतों ने जताई नाराजगी। अखाड़ा परिषद ने सीएम फडणवीस को मंत्री और अफसरों के भरोसे न रहने की सलाह दी।
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गिरीश महाजन और सीएम फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Sants Unhappy With Kumbh Mela Preparations: सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर त्र्यंबकेश्वर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष शंकरानंद महाराज ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को कुंभ मंत्री गिरीश महाजन और अधिकारियों के भरोसे न रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि कुंभ की तैयारियों की स्थिति बेहद खराब है और अगर मुख्यमंत्री ने खुद इसकी रोजाना निगरानी नहीं की तो देशभर में सरकार की किरकिरी हो सकती है।

अखिल भारतीय संत समिति की चिंतन बैठक में कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर सरकार और प्रशासन पर नाराजगी जताई गई। शंकरानंद महाराज ने कहा कि सिंहस्थ कुंभ की तैयारियां बहुत बड़े स्तर पर होती हैं। इसके लिए पिछले कुंभ के समापन से ही अगले कुंभ की तैयारी शुरू हो जानी चाहिए। इसके बावजूद इस बार कई काम अभी तक आधे भी पूरे नहीं हुए हैं।

अधिकारियों में तालमेल की कमी

शंकरानंद महाराज ने आरोप लगाया कि नाशिक और त्र्यंबकेश्वर में विकास कार्यों की वजह से आम लोगों को रोजमर्रा की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों के बीच भी पर्याप्त तालमेल नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से खुद त्र्यंबकेश्वर आकर अखाड़ों की बैठक लेने और उनकी समस्याएं सुनने की अपील की।

सक्षम अधिकारियों को आगे लाने की मांग

उन्होंने कहा कि कुंभ मेले को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को रोजाना कामों की निगरानी करनी होगी। उन्होंने विभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम से भी आगे आकर काम संभालने की अपील की। शंकरानंद महाराज ने कहा कि सरकार को काम करने वाले सक्षम अधिकारियों को आगे लाना चाहिए। उन्होंने कुंभ मेले के लिए बनाए गए प्राधिकरण में भी आपसी समन्वय की कमी का आरोप लगाया।

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संत समाज की आंदोलन की चेतावनी

संतों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रशासनिक ढिलाई को दूर नहीं किया गया और निर्माण कार्यों में तेजी नहीं लाई गई, तो संत समाज आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुंभ मेला सनातन धर्म की आस्था का सबसे बड़ा प्रतीक है, इसलिए इसकी तैयारियों में किसी भी तरह की लापरवाही या घटिया निर्माण कार्य को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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