सिंहस्थ कुंभ के महाध्वजारोहण समारोह के बाद पुलिस ने गोदाघाट परिसर खाली कराया।
लाउडस्पीकर से लगातार श्रद्धालुओं को बाहर निकलने के निर्देश दिए गए।
दूरदराज के जिलों और दूसरे राज्यों से आए श्रद्धालु कुछ समय और रुकना चाहते थे।
सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के चलते पुलिस ने परिसर खाली कराने की कार्रवाई की।
श्रद्धालुओं ने दर्शन और परिसर में घूमने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की।
Nashik Kumbh Mela Security Management Godaghat:नासिक में सिंहस्थ कुंभ के धर्मध्वजारोहण समारोह के बाद पुलिस ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए गोदाघाट परिसर खाली कराया। दूरदराज से आए श्रद्धालु कुछ समय और रुककर दर्शन व भ्रमण करना चाहते थे, लेकिन पुलिस की सख्ती के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
नासिक सिंहस्थ कुंभ के ऐतिहासिक धर्मध्वजारोहण समारोह के बाद गोदाघाट परिसर में कुछ समय और बिताने की श्रद्धालुओं की इच्छा पूरी नहीं हो सकी। सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण का हवाला देते हुए पुलिस ने समारोह के बाद परिसर खाली कराने की कार्रवाई शुरू कर दी। लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार बाहर निकलने के निर्देश दिए जाते रहे। पुलिस की इस सख्ती से दूरदराज से आए कई श्रद्धालुओं में निराशा और नाराजगी देखने को मिली।
शनिवार को गोदाघाट परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी थी। महाराष्ट्र के दूरदराज के जिलों और देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बनने नासिक पहुंचे थे। धर्मध्वजारोहण समारोह के बाद वे गोदाघाट के धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण में कुछ समय और बिताना चाहते थे।
हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों ने लोगों से परिसर खाली करने की अपील शुरू कर दी। लाउडस्पीकर से भी लगातार जल्द बाहर निकलने के निर्देश दिए जाते रहे। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर चौकन्ना रहा।
दूसरे जिलों और राज्यों से आए श्रद्धालुओं का कहना था कि वे लंबी यात्रा कर इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनने नासिक पहुंचे हैं। गोदाघाट का धार्मिक महत्व और वहां का आध्यात्मिक वातावरण उनके लिए खास था। ऐसे में वे समारोह के बाद कुछ समय और रुककर दर्शन करने तथा परिसर में घूमने की इच्छा रखते थे।
कई श्रद्धालुओं ने पुलिसकर्मियों से थोड़ी देर की मोहलत देने की अपील भी की, लेकिन सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के निर्देशों के चलते उन्हें परिसर से बाहर निकलना पड़ा।
श्रद्धालुओं का कहना था कि प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए कुछ समय के लिए दर्शन और परिसर में भ्रमण की अनुमति देनी चाहिए थी। उनका मानना था कि लंबी दूरी तय कर आए लोगों को ऐतिहासिक समारोह के बाद कुछ समय रुकने का अवसर मिलना चाहिए था।
कुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण पुलिस प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। हालांकि, श्रद्धालुओं की सुविधा और उनकी भावनाओं को ध्यान में रखते हुए बेहतर प्रबंधन की जरूरत भी इस घटनाक्रम से सामने आई है।