शरद पवार (pic credit; social media) 
नासिक

Jalogaon-Nashik में नए गठबंधन संकेत, शरद पवार गुट की सियासी चाल चर्चा में

Nashik-Jalgaon में स्थानीय चुनावों से पहले गठबंधन गणित बदलते संकेत दिखाई दे रहे हैं। शरद पवार गुट ने भाजपा को रोकने के लिए नए राजनीतिक संयोजन की संभावना जताई जा रही है।

अपूर्वा नायक

Maharashtra Local Body Election: महाराष्ट्र में स्थानीय स्वराज्य संस्था चुनावों की रणभेदी के बीच, राष्ट्रवादी (शरद पवार गुट) के एक बयान ने नाशिक से लेकर जलगांव तक गठबंधन की राजनीति में खलबली मचा दी है।

शरद पवार गुट का चौंकाने वाला प्रस्ताव : जलगांव में शरद पवार गुट के जिला अध्यक्ष प्रमोद पाटिल ने बड़ा वक्तव्य दिया है। उन्होंने कहा कि देश का लोकतंत्र बचाने और 'भाजपा' के घोड़े को रोकने' के लिए उन्हें भाजप को छोड़कर किसी भी राजनीतिक पक्ष से युति करने के स्पष्ट निर्देश मिले हैं।

पाटिल का दावा

समविचारी पक्षों को विश्वास में लेकर शिंदे गुट समेत अजित पवार गुट से भी युति करने की हमारी तैयारी होगी। माना जा रहा है कि यह बयान जलगांव जिले में मंत्री गिरीश महाजन के नेतृत्व में भाजपा की मजबूत किलेबंदी को तोड़ने का बड़ा सियासी दांव है।

जलगांव के इस बयान का सीधा असर नाशिक की राजनीति पर पड़ना तय है। नाशिक जिला भी महायुति का गढ़ है, जहां मनपा और जिला परिषद चुनावों की गहमागहमी है।

यदि शरद पवार गुट यहां भी शिंदे या अजित पवार गुट के किसी स्थानीय धड़े से युति का प्रस्ताव देता है, तो नाशिक के स्थानीय समीकरण पूरी तरह से बदल सकते हैं। यह स्थिति शिवसेना (उद्धव ठाकरे) और कांग्रेस के लिए असहज हो सकती है, जो पहले से ही महाविकास आघाड़ी में हैं।

बागलाण में महायुति में दरार

इसी बीच, नाशिक जिले के बागलाण (सटाणा) नगर परिषद चुनाव में महायुति (भाजपा, शिंदे गुट, अजित पवार गुट) में गठबंधन होगा या नहीं, इस पर मतभेद सामने आए हैं- राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) के पदाधिकारियों ने सटाणा नगर परिषद के 12 प्रभागों और नगराध्यक्ष पद के लिए इच्छुकों की स्वतंत्र सूची पक्ष श्रेष्ठी को सौंप दी है।

उन्होंने माग की है कि यदि महायुति होती है, तो उन्हें योग्य सम्मान मिले, अन्यथा वे स्वतंत्र लड़ेंगे। दूसरी ओर, कांग्रेस की सासद डॉ। शोभा बच्छाव ने स्पष्ट कहा है कि सटाणा नगर परिषद चुनाव महाविकास आघाडी (MVA) एकजुट होकर लड़ेगी।

कांग्रेस, शरद पवार गुट, शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट और मनसे के पदाधिकारियों की सुकाणू समिति उम्मीदवारों का अंतिम चयन करेगी, इस तरह, एक ओर जहां जलगांव में शरद पवार गुट राजनीतिक दूरी कम करने को तैयार है, वहीं नाशिक के बागलाण में अजित पवार गुट खुद की ताकत दिखाने की तैयारी में है, जिससे महायुति की 'बेकी' और महाविकास आधाड़ी की 'एकी' साफ दिख रही है।

नेताओं के दौरे और गठबंधन की तैयारी

स्थानीय स्वराज्य संस्था चुनावों के मद्देनजर शरद पवार गुट के नेता और पूर्व सांसद जयसिंगराव गायकवाड़ का जलगांव जिला संपर्क दौरा रविवार को संपन्न हुआ।

पाटिल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों में शरद पवार गुट की महाविकास आघाड़ी के घटक दल, शिवसेना (उद्धव ठाकरे), कांग्रेस और समविचारी पक्षों के साथ नैसर्गिक आघाड़ी होगी।

हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि महाविकास आघाड़ी के साथ ही अन्य कोई भी दल साथ आने पर उनके साथ भी आघाड़ी की जाएगी। फिलहाल, भाजप, शिवसेना (एकनाथ शिंदे) और राष्ट्रवादी (अजित पवार) की ओर से अभी भी युति के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। प्रमोद पाटिल के इस वक्तव्य ने चुनाव से पहले ही गठबंधन की अटकलों को तेज कर दिया है।

मविआ की एकजुटता

सांसद डॉ शोभा बच्छाव ने पत्रकार परिषद में स्पष्ट किया कि स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव महाविकास आघाड़ी एकजुट होकर लड़ेगी। उन्होंने कहा कि बागलाण तालुका के नगर परिषद, पंचायत समिति, जिला परिषद आदि चुनावों के लिए सर्वेक्षण किया गया है। महाविकास आघाडी के उम्मीदवारों में समझौता करने की भूमिका रहेगी। निवडून आने की क्षमता वाले नए चेहरों को मौका दिया जाएगा।

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