प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया ) 
नासिक

बसंत पंचमी पर नासिक इस्कॉन में 500 किलो फूलों से भव्य सजावट, फूलों की पोशाक में राधा-कृष्ण

Basant Panchami: बसंत पंचमी पर नासिक के इस्कॉन मंदिर में राधा-कृष्ण को 500 किलो फूलों से सजाया गया। फूलों की पोशाक महिला भक्तों ने हाथों से तैयार की।

अंकिता पटेल

Radha Krishna Hindu Festival: नासिक बसंत के आने के मौके पर, यानी माघ शुक्ल पंचमी के दिन, शुक्रवार को नासिक के श्री श्री राधा मदन गोपाल (इस्कॉन) मंदिर में बसंत का त्योहार धूमधाम से मनाया गया, इस मौके पर, मंदिर में भगवान की मूर्तियों को खास तौर पर अलग-अलग फूलों से सजाया गया।

इस सजावट के लिए लगभग 500 किलो गेंदा, शेवंती, सूरजमुखी, ऑर्किड, जरबेरा और डच गुलाब जैसे अलग-अलग फूलों का इस्तेमाल किया गया। खास बात यह है कि भागवत की पूरी पोशाक फूलों से बनी है और मंदिर की महिला भक्तों ने ये फूलों की पोशाकें अपने हाथों से तैयार की थीं।

फूलों के कपड़े पहने श्री राधा मदन गोपाल

त्योहार के लिए इस्तेमाल किया गया मुख्य रंग पीला था। सजावट के लिए फूल मुंबई और नासिक से मंगवाए गए थे। इस खास सजावट की वजह से मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त जमा हुए थे।

खूबसूरत दर्शन का फायदा उठाने के लिए भक्त सुबह से ही मंदिर में मौजूद थे। बसंत पंचमी के मौके पर मंदिर में कई धार्मिक कार्यक्रम हुए, सुबह 5 बजे मंगल आरती के साथ कार्यक्रम शुरू हुए। इसके बाद हरे कृष्ण महामंत्र का जाप और भागवत प्रवचन हुआ।

सुबह 9 बजे खास श्रृंगार आरती हुई और शाम को कीर्तन हुआ। शाम को भक्तों को महा प्रसाद भी बांटा गया। इन सभी कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए।

त्र्यंबकेश्वर में देखी गई भक्तों की भीड़

बसत पंचमी के मौके पर सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली, बाजार में भी पीले फूलों की दुकानों की संख्या अधिक थी जहां भक्तों की भीड़ देखी जा रही थी, बसंत पंचमी के अवसर पर अंबकेश्वर में खासी भीड़ दिखाई दी गई। बसंत पंचमी के मौके पर रामकुंड में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक थी। जहां बड़ी संख्या में लोगों ने स्थान किया। रामकुंड के आसपास बड़ी संख्या में साधु सत स्नान करते हुए देखे गए, मंदिर प्रशासान तथा जिला प्रशासन ने भक्तों के लिए उचित व्यवस्था की थी।

कई जगहों पर किया गया था बसंत महोत्सव का आयोजन

बसत पंचमी के अवसर पर नासिक के अलग अलग हिस्सों में सरस्वती पूजा का आयोजन किया गया था। स्थानीय लोगों ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष पूजा अर्चना की।

नासिक के कई मंदिरों को भी सजाया गया था, मंदिरों में हवन पूजा व अन्य चार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। नासिक के सभी मंदिरों में मा सरस्वती की पूजा पूरी आस्था के साथ की।

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