Nashik Fake Documents 350 Crore Loan Case: टॉप सेल कॉर्पोरेशन नामक भागीदारी फर्म से अपनी सेवानिवृत्ति दर्शाते हुए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए।
इन दस्तावेजों के आधार पर फर्म के स्वामित्व वाली जमीन को इंडसइंड बैंक में गिरवी रखकर 3 करोड़ 50 लाख रुपये का कर्ज लेने और जमीन हड़पने के प्रयास के आरोप में सरकारवाड़ा पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
इस मामले में संतोष मुरलीधर उशीर की शिकायत पर पुलिस ने इफ्को की संचालिका साधना जाधव, मनीषा दत्तात्रय जाधव, दीपक शशिकांत खैरनार, युवराज श्रीपत सोनवणे तथा मोनिष गोविंदराव देवरे के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, 18 मार्च 2025 को टॉप सेल कॉर्पोरेशन नामक भागीदारी फर्म के संबंध में एडमिशन कम रिटायरमेंट नामक दस्तावेज तैयार किया गया। शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर अथवा अंगूठे का निशान नहीं होने के बावजूद उन्हें फर्म से सेवानिवृत्त होने का दर्शाया गया, ऐसा आरोप शिकायत में लगाया गया है। साथ ही मनीषा दत्तात्रय जाधव को फर्म की नई भागीदार बनाए जाने का उल्लेख भी दस्तावेज में किए जाने का आरोप है।
इसके लिए टॉप सेल कॉर्पोरेशन की साझेदारी वाली विंचूर स्थित गट क्रमांक 205/3 और 205/4 की जमीन को बैंक में गिरवी रखे जाने का आरोप है। इन जमीनों के आधार पर 3 करोड़ 50 लाख रुपये का कर्ज लिए जाने की बात शिकायत में कही गई है। फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनका इस्तेमाल करते हुए जमीन हड़पने की साजिश रची गई और इससे आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप शिकायतकर्ता ने लगाया है।
इस मामले में सरकारवाड़ा पुलिस थाने में 26 सितंबर को शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने संबंधित आरोपों को गंभीरता से लेते हुए दस्तावेजों और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। मामले में शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों की भी पुलिस स्तर पर पड़ताल की जा रही है।
फर्जी दस्तावेज तैयार करने, साझेदारी फर्म में बदलाव और जमीन को बैंक में गिरवी रखकर कर्ज लेने से जुड़े तथ्यों को जांच के दायरे में लिया गया है। सहायक पुलिस निरीक्षक सागर डगले को मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नासिक पुलिस आरोपों की पुष्टि के लिए आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य जुटा रही है।