बिजली चोरी के मामले में कार्रवाई से बचाने के लिए ₹8 लाख मांगने का आरोप।
सौदेबाजी के बाद ₹7 लाख में तय हुई रिश्वत की रकम।
निजी विद्युत ठेकेदार शिवाजी खंडेराव शिंदे ACB के जाल में फंसे।
शिकायतकर्ता ने 4 नवंबर को भ्रष्टाचार निरोधक विभाग में शिकायत दर्ज कराई।
3 नवंबर को विद्युत भवन के उड़नदस्ते ने पोल्ट्री फार्म के मीटर की जांच की थी।
Nashik Anti Corruption Bureau Trap Electricity Theft Case: नासिक में बिजली मीटर से छेड़छाड़ और अतिरिक्त बिजली इस्तेमाल के मामले में कार्रवाई से बचाने के लिए 8 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप सामने आया है। सौदेबाजी के बाद 7 लाख स्वीकार करते हुए निजी विद्युत ठेकेदार शिवाजी खंडेराव शिंदे को भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
नासिक शहर, बिजली मीटर में छेड़छाड़ कर अतिरिक्त बिजली इस्तेमाल करने के मामले में कार्रवाई से बचाने के नाम पर रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक विभाग (ACB) ने सौदेबाजी के बाद 7 लाख की रिश्वत स्वीकार करते हुए एक निजी विद्युत ठेकेदार को रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
आरोपी की पहचान शिवाजी खंडेराव शिंदे (48), निवासी वडनेर भैरव, तहसील चांदवड के रूप में हुई है। ACB से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता के पोल्ट्री फार्म में बिजली मीटर की जांच के बाद यह पूरा मामला सामने आया।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता के खेत में पीपी चॉयलर नाम से एन्वायरनमेंट कंट्रोल सिस्टम का पोल्ट्री फार्म है। 3 नवंबर को विद्युत भवन के उड़नदस्ते ने यहां बिजली कनेक्शन और मीटर की जांच की थी।
इस दौरान मीटर में दो केबल दिखाई देने की बात कहते हुए अतिरिक्त बिजली इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया। शिकायत के अनुसार, इस मामले में कार्रवाई से बचाने के लिए 5 लाख जुर्माना और 3 लाख नकद देने की बात कही गई। इस तरह कुल 8 लाख की मांग किए जाने का आरोप है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, संबंधित मोबाइल नंबर से निजी विद्युत ठेकेदार शिवाजी शिंदे ने उनसे संपर्क कर रकम की मांग की। इसके बाद शिकायतकर्ता ने 4 नवंबर को भ्रष्टाचार निरोधक विभाग में शिकायत दर्ज कराई।
ACB ने शिकायत की जांच के बाद कार्रवाई की योजना बनाई। सौदेबाजी के बाद रिश्वत की रकम ₹7 लाख तय हुई। इसी रकम को स्वीकार करते समय ठेकेदार को रंगेहाथ पकड़ लिया गया।
निजी विद्युत ठेकेदार की गिरफ्तारी के बाद बिजली विभाग और संबंधित क्षेत्र में चर्चा शुरू हो गई है। मामले में रिश्वत की मांग और स्वीकार किए जाने से जुड़े तथ्यों की आगे जांच की जा रही है। पुलिस और ACB की कानूनी कार्रवाई के बाद ही प्रकरण के अन्य पहलू स्पष्ट होंगे।