

Highlights:
राशन दुकान का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द होने से बचाने के लिए शिकायतकर्ता से रिश्वत मांगने का आरोप।
आपूर्ति विभाग में कार्यरत अव्वल कारकून एवं प्रभारी निरीक्षण अधिकारी निलेश कलसकर पर रिश्वत मांगने का आरोप।
4 नवंबर 2026 को यवतमाल में श्रीकृष्ण मोबाइल शॉपी के पास अमरावती ACB ने जाल बिछाया।
Yavatmal Tehsil Office: राशन दुकान का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द होने से बचाने और जांच रिपोर्ट में मामले की गंभीरता कम करने के नाम पर 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगने वाले यवतमाल तहसील कार्यालय के अव्वल कारकून को भ्रष्टाचार, निरोधक विभाग (एसीबी) ने रंगेहाथ पकड़ लिया। इस कार्रवाई में रिश्वत की रकम स्वीकार करने वाले एक व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 45 वर्षीय शिकायतकर्ता सरकारी राशन दुकान का संचालक है। गांव के एक व्यक्ति ने इस दुकान के खिलाफ यवतमाल तहसील कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत की जांच और दुकान के निरीक्षण की रिपोर्ट में मामले की गंभीरता कम दिखाने तथा राशन दुकान का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द न हो, ऐसी रिपोर्ट भेजने के बदले तहसील कार्यालय के आपूर्ति विभाग में कार्यरत अव्वल कारकून एवं प्रभारी निरीक्षण अधिकारी निलेश भास्कर कलसकर (38) ने शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।
शिकायत मिलने के बाद अमरावती एसीबी ने 27 और 29 अक्टूबर को पंचों की मौजूदगी में रिश्वत मांगने की पुष्टि करने का प्रयास किया। इसके बाद 4 नवंबर 2026 को की गई कार्रवाई में कलसकर ने निजी व्यक्ति चंद्रशेखर खुशालराव गायकी (60), निवासी कापरा, के माध्यम से 50 हजार रुपये स्वीकार करने की तैयारी दिखाई।
एसीबी की टीम ने 4 नवंबर को रात 8.16 से 9.10 बजे के बीच यवतमाल में बस स्टॉप से दत्त चौक की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित श्रीकृष्ण मोबाइल शॉपी के पास जाल बिछाया। कलसकर के कहने पर गायकी ने शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपए स्वीकार किए।
इसके बाद कलसकर का फोन आने पर रिश्वत की रकम स्वीकार किए जाने की पुष्टि हुई। कलसकर स्वयं मौके पर पहुंचा और गायकी से रिश्वत की रकम लेकर उसे अपनी इनोवा कार (क्रमांक MH 42 S2115) में रखने को कहा। इसी दौरान एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये की रिश्वत की रकम कलसकर के कब्जे से जब्त कर ली।
इस मामले में अवधूतवाड़ी पुलिस थाने में भ्रष्टाचार प्रतिबंधक अधिनियम की धारा 7 और 7A के तहत अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। मामला दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। कलसकर के निवास स्थान पर तलाशी अभियान भी शुरू किया गया है।
आरोपी निलेश कलसकर के खिलाफ करीब तीन वर्ष पहले अकोला के रामदास पेठ पुलिस थाने में भी भ्रष्टाचार प्रतिबंधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। यह कार्रवाई अमरावती एसीबी की पुलिस निरीक्षक सुजाता बनसोड के नेतृत्व में की गई।
पर्यवेक्षण अधिकारी के रूप में पुलिस उपाधीक्षक राजेश राठोड ने जिम्मेदारी निभाई। कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक चित्रा मेसरे, पुलिस कर्मचारी प्रमोद रायपुरे, सुधीर चर्जन तथा चालक पुलिस उपनिरीक्षक सतीश किटूकले शामिल थे। अभियान को एसीबी के पुलिस अधीक्षक बापू बांगर और अपर पुलिस अधीक्षक सुनील किनगे का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।