प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
नासिक

नासिक: द्वारका सर्कल के पैदल अंडरपास बेकार, करोड़ों की परियोजना अधर में; पैदल मार्ग की अनदेखी

Nashik Dwarka Circle: नासिक द्वारका सर्कल पर बने पैदल अंडरपास 12 वर्षों में अनुपयोगी साबित हुए। नए वाहन अंडरपास में भी इन्हें शामिल नहीं किया गया, जिससे इनका भविष्य अधर में है।

अंकिता पटेल

Nashik Municipal Project: नासिक द्वारका सर्कल पर महानगरपालिका द्वारा लगभग 12 वर्ष पहले पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए गए दो अंडरपास अब पूरी तरह निष्प्रयोज्य साबित हो चुके हैं। वर्तमान में यहां वाहनों के लिए नए अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू है, लेकिन इस परियोजना में भी पुराने पैदल अंडरपास का कोई उपयोग नहीं किया जाएगा।

ऐसे में इन अंडरपास का भविष्य अधर में लटक गया है। उन्हें स्थायी रूप से बंद किया जाएगा या भरकर समाप्त किया जाएगा, इस संबंध में अभी तक कोई स्पष्ट निर्णय सामने नहीं आया है।

महानगरपालिका ने करोड़ों रुपये खर्च कर द्वारका सर्कल पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए दो अंडरपास बनाए थे। हालांकि, अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिलने के कारण इनका उपयोग नगण्य रहा। कुछ वर्ष पूर्व शालीमार रोड पर बैठने वाले फेरीवालों को इन अंडरपास क्षेत्र में स्थानांतरित करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन वह भी अमल में नहीं आ सकी।

2 चरणों में पूरा होगा काम

समय के साथ यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ने लगा, जिससे आम नागरिकों ने इन अंडरपास का उपयोग करना बंद कर दिया। परिणामस्वरूप, ये संरचनाएं शहरवासियों के लिए लगभग बेकार साबित हुई, अब नए वाहन अंडरपास के निर्माण के चलते पुराने अंडरपास का भविष्य पूरी तरह अनिश्चित हो गया है। इस बीच आगामी कुंभमेले की पृष्ठभूमि में यातायात व्यवस्था को सुगम और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से द्वारका सर्कल पर वाहन अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। सरकार ने इस परियोजना के लिए 213 करोड़ 85 लाख रुपए की मंजूरी दी है। परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में नासिक रोड से शालीमार मार्ग की दिशा में अंडरपास बनाया जाएगा।

काम पूरा करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार

अंडरपास के दोनों ओर 7 मीटर पौडी सर्विस रोड विकसित की जाएगी तथा पैदल यात्रियों के लिए सुव्यवस्थित और सुरक्षित फुटपाथ का प्रावधान भी किया गया है।

परियोजना का मुख्य उद्देश्य ट्रैफिक जाम कम करना और कुंभमेले के दौरान संभावित भीड़ का प्रभावी प्रबंधन करना है। हालांकि इस परियोजना को फरवरी 2027 तक पूर्ण करने की समयसीमा तय की गई है, लेकिन कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा हो, इसके लिए अधिकारियों ने विशेष कार्ययोजना तैयार की है।

नेपाल जैसी स्थिति पैदा करने की साजिश... CJP प्रदर्शन पर बोलीं इन्फ्लुएंसर रिया खानोलकर

दिल्ली-NCR में फिर कांपी धरती! भूकंप के झटके महसूस होते ही लोगों में मचा हड़कंप

INDIA Alliance Protest: राहुल-प्रियंका को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया, कांग्रेस बोली सब याद रखा जाएगा

दो घंटे की हिरासत के बाद छूटे राहुल और प्रियंका गांधी, आकाशवाणी परिसर से हुई थी गिरफ्तारी

पंजाब CM ऑफिस पर CBI की छापेमारी, भगवंत मान बोले- BJP ने शुरू कर दी चुनावी खेल