नागपुर में मतदान के दौरान गड़बड़ी का खुलासा (प्रतिकात्मक तस्वीर) 
नासिक

नाशिक जिले की 11 नगर परिषदों के चुनाव में किसका पलड़ा भारी? वोटिंग से पहले जाने माहौल

Maharashtra Local Body Electoins: नाशिक जिले की 11 नगर परिषदों के चुनाव में भाजपा और शिंदे गुट को लाभ, जबकि राकांपा अजित पवार गुट को झटका लग सकता है। शिवसेना ठाकरे गुट को सीमित सफलता की उम्मीद।

अर्पित शुक्ला

Nashik News: नाशिक जिले की 11 नगर परिषदों के चुनाव में कौन सा पक्ष भारी रहेगा, यह 3 दिसंबर के मतदान के बाद ही पूरी तरह से स्पष्ट होगा। हालांकि, चुनाव के पहले ही कुछ रुझान दिखने लगे हैं। इस बार चुनाव महायुति (बीजेपी और शिंदे गुट) बनाम महाविकास अघाड़ी (MVA) के रूप में नहीं हुआ, क्योंकि महायुति के घटक दल एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हुए हैं। विपक्ष कमजोर दिखाई दे रहा है, जिससे महायुति के घटक दलों ने अपनी सुविधा के अनुसार कुछ मित्र पक्षों के साथ तालमेल किया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इन घटक दलों में से किसका वर्चस्व इस चुनाव में रहेगा।

राजनीतिक विश्लेषण

राजनीतिक विश्लेषण के अनुसार, इस चुनाव में बीजेपी और शिंदे गुट को अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है। वहीं, राकांपा के अजित पवार गुट को इस चुनाव में बड़ा झटका लग सकता है। दूसरी तरफ, शिवसेना ठाकरे गुट को एक या दो नगर परिषदों में सफलता मिल सकती है।

महायुति और महाविकास अघाड़ी की स्थिति

विधानसभा चुनाव में महायुति के 15 में से 14 विधायक चुने गए थे, लेकिन लोकल बॉडी चुनाव में महायुति की एकता टूट गई है। कुछ जगहों पर शिंदे सेना और अजित पवार गुट भाजपा के खिलाफ एक साथ आ गए हैं, जबकि कुछ जगहों पर भाजपा ने अजित पवार ग्रुप और शिंदे सेना के साथ गठबंधन किया। हालांकि, ये तीनों दल एक भी नगर परिषद में एक साथ नहीं आए हैं। दूसरी ओर, महाविकास अघाड़ी (MVA) कहीं भी एकजुट नहीं दिखी। शिवसेना ठाकरे गुट को छोड़कर, राकांपा शरद पवार गुट और कांग्रेस ने इस चुनाव में रूलिंग पार्टी को समर्थन नहीं दिया है, और कुछ ही जगहों पर इनके कैंडिडेट हैं।

राकांपा अजित पवार गुट को झटका?

राकांपा के 15 में से 7 विधायक जिले में हैं और 11 नगर परिषदों में से 7 परिषदों के चुनाव क्षेत्रों में ये विधायक सक्रिय हैं। इनमें येवला, पिंपलगांव बसवंत, सिन्नर, त्र्यंबकेश्वर, इगतपुरी, ओझर, और भगूर शामिल हैं। पिंपलगांव बसवंत और येवला में राकांपा की मजबूत पकड़ है, लेकिन अन्य स्थानों पर इस गुट को झटका लगने की संभावना जताई जा रही है।

भाजपा को फायदा

विधानसभा चुनाव में भाजपा के 5 विधायक चुने गए थे, लेकिन नगर परिषद चुनाव सिर्फ दो विधायक के चुनाव क्षेत्रों में हो रहे हैं—चांदवड और सटाणा नगर परिषद। हालांकि, भाजपा ने त्र्यंबकेश्वर, सिन्नर, इगतपुरी और ओझर में अपनी पूरी ताकत लगा दी है। इसलिए, भाजपा को इस चुनाव में फायदा होने की संभावना है।

शिवसेना शिंदे गुट को बड़ी सफलता

विधानसभा चुनाव में शिवसेना शिंदे गुट के 2 विधायक चुने गए थे। इन विधायकों के चुनाव क्षेत्रों में से सुहास कांदे के क्षेत्र में चुनाव हो रहे हैं, और उन्होंने नांदगांव और मनमाड में अपनी पूरी ताकत लगा दी है, जिससे उन्हें वहां सफलता मिलने की संभावना है। इसके अलावा, शिंदे गुट ने भगूर, सटाणा और येवला में भी पूरी तरह से ध्यान केंद्रित किया है, जिसके चलते शिंदे सेना को बड़ी सफलता मिल सकती है।

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