बांध और खेत (फोटो नवभारत)
नासिक

नासिक के 26 बांधों में भरपूर पानी, फिर भी 54 कृषि मंडलों में सूखे जैसे हालात; खरीफ फसलों पर संकट

Nashik Drought Crisis: नासिक के 26 बांधों में 97.42% जल भंडारण है, लेकिन 54 कृषि मंडलों में 21 से 40 दिनों से बारिश नहीं हुई है। खरीफ फसलों पर संकट और उत्पादन घटने की आशंका है।

आलोक उमाकृष्ण

Nashik Dams 97 Percent Full: नासिक जिले में बांधों में पानी की भरपूर उपलब्धता के बावजूद खेतों में सूखे का संकट गहराता जा रहा है। जिले के 26 प्रमुख एवं मध्यम बांधों में 21 सितंबर तक 68 हजार 795 मिलियन क्यूबिक फीट यानी 97.42 प्रतिशत जलसंचय है।

9 बांध पूरी क्षमता से भरकर ओवरफ्लो हो चुके हैं और 13 बांधों से 2 हजार 278 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। लेकिन दूसरी ओर 11 तहसीलों के 54 कृषि मंडलों में 21 से 40 दिन से अधिक समय से बारिश नहीं होने के कारण खरीफ फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं।

बांध ओवरफ्लो पर खेतों में फसलें मुरझाईं

बांधों में पानी का महापूर और खेतों में सूखे की मार, जिले में यह विरोधाभासी स्थिति किसानों की चिंता बढ़ा रही है। जिले में बारिश के शुरुआती दौर में जोरदार वर्षा होने से बांध तेजी से भर गए। इसके बाद बारिश ने लंबा ब्रेक ले लिया। इसका सबसे ज्यादा असर खरीफ फसलों पर हुआ है।

मक्का, बाजरा, सोयाबीन सहित अन्य फसलों को इस समय पानी की आवश्यकता है, लेकिन बारिश नहीं होने से फसलें मुरझाने लगी हैं। उत्पादन में 40 से 50 प्रतिशत तक कमी आने की आशंका जताई जा रही है। जिले के 54 कृषि मंडलों में 21 दिनों से अधिक समय से बारिश नहीं हुई है।

इनमें 15 मंडलों में बारिश का खंड 40 दिनों से अधिक हो चुका है। येवला तहसील के कुछ गांवों और वाडियों-बस्तियों में सितंबर में ही टैंकर से पानी पहुंचाने की नौबत आ गई है। इससे आने वाले दिनों में पेयजल और चारे का संकट बढ़ने की आशंका है।

बांधों का पानी खेतों तक पहुंचाने की मांग

बारिश के लंबे खंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने पेयजल, चारा और फसल नुकसान की तत्काल समीक्षा के निर्देश दिए हैं। किसान संगठनों ने नासिक जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग शुरू कर दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब बांधों में पानी है, तो खेतों तक राहत कब पहुंचेगी?

3,602 करोड़ घन फुट अधिक पानी

पिछले वर्ष 21 सितंबर को जिले के बांधों में 65 हजार 193 मिलियन क्यूबिक फीट यानी 92।32 प्रतिशत जल भंडारण था। इस वर्ष यह आंकड़ा 68 हजार 795 मिलियन क्यूबिक फीट तक पहुंच गया है। यानी पिछले वर्ष की तुलना में करीब 3 हजार 602 मिलियन क्यूबिक फीट अधिक पानी है।

जिले की 26 परियोजनाओं की कुल क्षमता 70 हजार 619 मिलियन क्यूबिक फीट है। गंगापुर, कश्यपी और गौतमी गोदावरी बांध 100 प्रतिशत भर चुके हैं। दारणा बांध भी पूरी क्षमता से भर गया है और वहां से सर्वाधिक 550 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पालखेड बांध 98।62 प्रतिशत तथा वाघाड बांध 100 प्रतिशत भर चुका है।

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