Dattatray Bharne On Crop Loss: महाराष्ट्र सरकार ने संकटग्रस्त किसानों को राहत देने के लिए 'किसान प्रथम' नीति अपनाई है। नासिक प्रभाग में सूखे जैसे हालात और फसलों के नुकसान की समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने अधिकारियों को कार्यालयों से बाहर निकलकर सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचने के निर्देश दिए।
विभागीय आयुक्त कार्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मंत्रियों के साथ वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में नासिक प्रभाग के विभिन्न क्षेत्रों में फसल नुकसान और सूखे जैसे हालात पर विस्तार से चर्चा की गई। कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नुकसान का आकलन केवल कार्यालय स्तर पर नहीं, बल्कि सीधे खेतों तक पहुंचकर किया जाए।
उन्होंने वास्तविक स्थिति जानने के लिए समय से पहले फसल कटाई प्रयोग शुरू करने का आदेश दिया। इस प्रयोग से फसलों की वास्तविक उत्पादकता और नुकसान का सटीक आंकलन करने में मदद मिलेगी, जिससे किसानों को राहत देने की प्रक्रिया तेज हो सकेगी।
बैठक में किसानों को राहत देने के लिए फसल बीमा दावों और आर्थिक सहायता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच इस बात पर सहमति बनी कि एनडीआरएफ के नियमों की प्रतीक्षा किए बिना राज्य स्तर से किसानों को त्वरित वित्तीय मदद उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए जाएं।
इसके साथ ही फसल नुकसान का आकलन और राहत प्रक्रिया जल्द पूरी करने पर जोर दिया गया। बैठक में केंद्र सरकार से सैटेलाइट इमेजिंग से जुड़े मौजूदा नियमों में आवश्यक ढील देने की मांग करने का भी निर्णय लिया गया, ताकि प्रभावित क्षेत्रों और फसलों के नुकसान का आकलन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके।
जन प्रतिनिधियों ने कृषि के लिए दिन में कम से कम 12 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की। इसके अलावा जल संरक्षण, पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था और ई-फसल निरीक्षण पोर्टल की तकनीकी समस्याओं को जल्द दूर करने का फैसला लिया गया।