Nashik Municipal Works: नासिक महानगरपालिका के सिडको विभागीय कार्यालय अंतर्गत निर्माण विभाग इस समय जनशक्ति के भारी संकट से जूझ रहा है। चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि सिडको के छह प्रभागों का पूरा दारोमदार केवल तीन कर्मचारियों पर टिका हुआ है।
इस कमी के कारण नागरिकों के जरूरी काम लटके हुए हैं और जनहित की योजनाओं को लागू करना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। वर्तमान में विभाग की स्थिति बेहद चिंताजनक है, जिसका सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है।
विभाग में फिलहाल केवल एक उपअभियंता और दो सहायक कनिष्ठ अभियंता ही कार्यरत हैं। हाल ही में संपन्न हुए चुनावों के बाद नवनिर्वाचित नगरसेवकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों की झड़ी लगा दी है। लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए कर्मचारी ही उपलब्ध नहीं हैं।
निर्माण परमिट, सड़कों की मरम्मत और चल रहे विकास कार्यों की निगरानी जैसे महत्वपूर्ण काम ठप पड़े हैं। सिडकों के प्रभाग संख्या 24, 25, 27, 28, 29 और 31 में गैस पाइपलाइन, फाइबर केबल और सीसीटीवी के लिए बड़े पैमाने पर खुदाई की जा रही है।
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इन कार्यों के कारण सड़कों की हालत खस्ता हो गई है और घुल-मिट्टी से नागरिक परेशान है। ठेकेदारों की मनमानी पर अंकुश लगाने और इन कामों की गुणवत्ता की जांच करने के लिए विभाग के पास पर्याप्त अधिकारी नहीं है, जिससे स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है। पिछले कुछ समय में कई पुराने कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं और कुछ ने वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) ले ली है।