Nandgaon Reservation Protest: धनगर समाज के लिए एसटी आरक्षण लागू करने की मुख्य मांग सहित अन्य 5 सूत्रीय मांगों को लेकर धनगर समाज ने आक्रामक रुख अपनाते हुए सोमवार को सड़कों पर उतरकर तहसील कार्यालय पर विशाल 'आक्रोश मोर्चा' निकाला। शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ यह मोर्चा तहसील कार्यालय पहुंचा, जहां आक्रोशित समाज के लोगों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आगामी समय में उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। पूर्व नगर अध्यक्ष साईनाथ गिडगे, त्र्यंबक शेरमाले और बबन सोर के नेतृत्व में यह मोर्चा शनि मंदिर के पास स्थित पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर के स्मारक से निकाला गया। हाथों में पीले झंडे थामे प्रदर्शनकारियों ने "येळकोट येळकोट जय मल्हार" और आरक्षण के समर्थन में गगनभेदी नारे लगाते हुए तहसील कार्यालय के समक्ष धरना दिया।
तहसीलदार सौंदाणे को सौंपे गए ज्ञापन में धनगर समाज को एसटी आरक्षण लागू करने, मुंबई स्थित चर्चगेट को अहिल्यादेवी होल्कर का नाम देने, चरवाहों को तत्काल वन चराई पास जारी करने, लोनावला मिसिंग लिंक का नाम 'हुतात्मा वीर शिंग्रोबा' रखने तथा श्री संत बालूमामा देवस्थान ट्रस्ट के लिए स्वतंत्र कानून बनाने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी न होने पर वे सरकार में शामिल होने के बावजूद तीव्र आंदोलन करेंगे। इस प्रदर्शन में बीरू शिंदे, सुनील सोर, भीक घटके, शरद मायनोर, खुशाल सोर, चेतन शिहे, अनु शिंदे, अण्णा सरोदे, भगवान सातपुते, पप्पू कुनगर, रमण चोरमले, शिवाजी पाटिल, शिवाजी गायकवाड़, समाधान शेरमाले और बीरू देवकात सहित समाज के नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।