MPSC परीक्षा व्यवस्था की खामियां दूर करने के लिए बनेगी नई रणनीति (सोर्स: AI)
नासिक

MPSC Exam Reform: पेपर लीक रोकने के लिए सरकार का बड़ा कदम, 30 सितंबर को नासिक आएगी उच्चस्तरीय समिति

MPSC Exam Reform Suggestions: एमपीएससी पेपर लीक के बाद सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाई है। समिति 30 सितंबर को नासिक आएगी, 17 से 25 सितंबर तक सुझाव लिए जाएंगे।

आलोक उमाकृष्ण

MPSC Paper Leak Nashik: राज्य में लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं और हाल ही में एमपीएससी परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद उपजे जनाक्रोश को देखते हुए राज्य सरकार हरकत में आ गई है।

सरकारी भर्ती परीक्षाओं में होने वाली धांधली, गड़बड़ियों और पारदर्शिता की कमी पर उद्देश्य से सरकार ने अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में विभागीय आयुक्तों की एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है। इसी कड़ी में यह समिति आगामी 30 सितंबर को सुबह 11 बजे नासिक के जिलाधिकारी कार्यालय स्थित नियोजन भवन का दौरा करेगी।

इस दौरान समिति परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न घटकों के साथ प्रत्यक्ष संवाद करेगी। जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने नासिक विभाग के विद्यार्थियों, अभिभावकों, कोचिंग क्लास संचालकों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य हितधारकों से इस संबंध में अपने महत्वपूर्ण सुझाव और अभिप्राय प्रस्तुत करने की अपील की है।

सुझावों के लिए विशेष कक्ष स्थापित

समिति के आगामी नासिक शहर की दौरे को ध्यान में रखते हुए परीक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े अधिक से अधिक सुझाव और अभिप्राय एकत्र करने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय में विशेष कक्ष स्थापित किया गया है। यह कक्ष 17 से 25 सितंबर तक कार्यालयीन समय के दौरान कार्यरत रहेगा।

विद्यार्थी, अभिभावक, कोचिंग क्लास संचालक, शैक्षणिक संस्थान तथा परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अन्य हितधारक इस अवधि में अपने सुझाव दर्ज करा सकेंगे। विशेष कक्ष में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक सुझाव और अभिप्राय स्वीकार किए जाएंगे।

प्राप्त सुझावों को संकलित कर आगामी 30 सितंबर को नासिक पहुंचने वाली उच्चस्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। निवासी उपजिलाधिकारी (आस्थापना शाखा) को इस विशेष कक्ष का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

इन प्रमुख मुद्दों पर दर्ज करा सकेंगे सुझाव

इस कक्ष में मौजूदा MPSC परीक्षा प्रणाली की खामियों को दूर करने और प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर परिणाम घोषित करने तक की प्रक्रिया को फुलप्रूफ बनाने पर सुझाव दिए जा सकेंगे।

इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग, परीक्षा केंद्रों के लिए कड़े न्यूनतम मानक तय करने, परीक्षा में धांधली रोकने तथा शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक सक्षम बनाने जैसे मुद्दों पर विस्तृत सुझाव दर्ज कराए जा सकेंगे, जिन्हें समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

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