मालेगांव मनपा आयुक्त समेत 3 अधिकारी 80 हजार की रिश्वत मामले में गिरफ्तार।
बिलों के भुगतान के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
आयुक्त रवींद्र जाधव 31 अक्टूबर को रिटायर होने वाले थे।
Malegaon Municipal Commissioner Arrest: महाराष्ट्र के मालेगांव महानगरपालिका में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आयुक्त रवींद्र जाधव समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। तीनों पर मनपा से जुड़े कामों के बिलों का भुगतान करने के बदले 80 हजार रुपये की कथित रिश्वत मांगने और स्वीकार करने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपियों में आयुक्त के निजी सहायक नीलेश पाटिल और लेखाकार हरीश डिंबर भी शामिल हैं। खास बात यह है कि रवींद्र जाधव 31 अक्टूबर को सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने वाले थे। इस कार्रवाई के बाद मालेगांव के प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है।
जानकारी के मुताबिक, मनपा से संबंधित कामों के बिलों का भुगतान करने के बदले 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगे जाने की शिकायत जुलाई में दर्ज कराई गई थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले की जांच शुरू की। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर गुरुवार को जाल बिछाया गया। इस कार्रवाई के दौरान आयुक्त रवींद्र जाधव, उनके निजी सहायक नीलेश पाटिल और लेखाकार हरीश डिंबर को गिरफ्तार कर लिया गया।
इस मामले में एसीबी की पुलिस उपाधीक्षक स्वाति पवार की शिकायत पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच के दौरान रिश्वत मांगने और स्वीकार करने से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
रवींद्र जाधव का नाम इससे पहले भी रिश्वतखोरी के एक मामले में सामने आ चुका है। वह पहले धुले महानगरपालिका में उपायुक्त के पद पर कार्यरत थे। 14 जनवरी 2019 को एसीबी ने उन्हें एक शिक्षक से 15 हजार रुपये की कथित रिश्वत स्वीकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। अब मालेगांव महानगरपालिका में 80 हजार रुपये की कथित रिश्वत के मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई है।
आयुक्त रवींद्र जाधव 31 अक्टूबर को सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने वाले थे। लेकिन सेवानिवृत्ति से ठीक एक दिन पहले एसीबी की कार्रवाई में उनकी गिरफ्तारी हो गई। इस घटनाक्रम ने महाराष्ट्र राज्य के मालेगांव महानगरपालिका के प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। मामले में आगे की जांच जारी है।