

Highlights:
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आज विपक्ष का जन महाभियोग कार्यक्रम।
कार्यक्रम में विपक्ष के 150 से 200 सांसदों के शामिल होने की उम्मीद है।
जन महाभियोग कार्यक्रम की कार्यवाही दोपहर 3:30 बजे शुरू होगी।
Gyanesh Kumar People’s Impeachment: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित 'वोट चोरी' के मुद्दे पर विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' ने अपना आंदोलन तेज करने की तैयारी कर ली है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर गुरुवार को हुई।
इस बैठक में विपक्षी दलों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शुक्रवार को होने वाले प्रतीकात्मक 'जन महाभियोग' कार्यक्रम और 1 नवंबर की रैली की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में प्रियंका गांधी, गौरव गोगोई, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ माजी, समाजवादी पार्टी के हरेंद्र मलिक और माकपा के जॉन ब्रिटास समेत कई नेता शामिल हुए।
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कथित 'वोट चोरी' और निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष का विरोध जारी रहेगा। उन्होंने शुक्रवार को प्रतीकात्मक संसद आयोजित करने और 1 नवंबर को दिल्ली में रैली करने की घोषणा की।
सांसदों की उपस्थिति: इस कार्यक्रम में विपक्ष के 150 से 200 सांसदों के शामिल होने की उम्मीद है।
जन महाभियोग का समय: यह प्रतीकात्मक कार्यवाही दोपहर 3:30 बजे शुरू होगी और शाम 6:00 बजे समाप्त होगी।
लाइव प्रसारण: कार्यक्रम स्थल पर लाइव स्ट्रीम के लिए मल्टी-कैमरा सेटअप लगाया गया है, ताकि पूरी कार्यवाही सीधे जनता तक पहुंच सके।
समापन: शाम 6:00 बजे महाभियोग की कार्यवाही पूरी होने के बाद, सभी नेताओं के लिए जलपान की व्यवस्था होगी।
इस 'सार्वजनिक महाभियोग' की शुरुआत मल्लिकार्जुन खरगे करेंगे और इसका समापन राहुल गांधी करेंगे। जिन लोगों के नाम 'SIR' (सिस्टमैटिक इलेक्टोरल रोल रिवीजन) प्रक्रिया के कारण मतदाता सूची से हटा दिए गए थे, उन्हें भी अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा।
इस कार्यक्रम में विपक्ष के सांसद, कानूनी विशेषज्ञ, वकील और ऐसे कई लोग शामिल होंगे, जिनका दावा है कि वे इस प्रक्रिया से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इसमें शामिल होने वाले लोग 'SIR' जैसे गंभीर मुद्दों पर अपने विचार और दृष्टिकोण रखेंगे। चूंकि संसद में विपक्ष के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है।
वहां अब तक ऐसा कोई प्रस्ताव स्वीकार भी नहीं किया गया है। इसलिए यह कवायद एक बड़ा संदेश देने के उद्देश्य से की जा रही है। इस 'सार्वजनिक महाभियोग' के दौरान, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक प्रस्ताव लाया जाएगा और उसे पारित किया जाएगा।