महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)  
नासिक

राज्यपाल की मौजूदगी में आज होगा नासिक MUHS का दीक्षांत समारोह, कई मंत्री रहेंगे शामिल

MUHS Convocation Ceremony: महाराष्ट्र स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय का 25वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को नासिक में होगा। राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा की अध्यक्षता में मंत्री व कई हस्तियां शामिल होंगी।

अंकिता पटेल

Nashik 25th MUHS Convocation: नासिक महाराष्ट्र स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय का 25वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर स्थित धन्वंतरि सभागार, शिक्षक प्रशिक्षण प्रबोधिनी में सुबह 11 बजे आयोजित किया जाएगा। इस गरिमामयी समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति तथा महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा करेंगे।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

इस राष्ट्रीय महत्व के दीक्षांत समारोह में राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री एवं विश्वविद्यालय के प्र-कुलपति हसन मुश्रीफ, जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन, चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री माधुरी मिसाळ तथा नागपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के अध्यक्ष डॉ. अनंत पंढरे मुख्य अतिथि के रूप में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इनके अलावा विश्वविद्यालय के कुलगुरु (अतिरिक्त प्रभार) प्रो। संजीव सोनवणे, विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता तथा प्राधिकरण के तमाम गणमान्य सदस्य भी इस अवसर पर मंच की शोभा बढ़ाएंगे।

दीक्षांत समारोह में 12,263 विद्यार्थियों को उपाधि, 146 स्वर्ण पदक प्रदान होंगे

12,263 विद्यार्थियों को मिलेंगी उपाधियां और स्वर्ण पदक दीक्षांत समारोह में स्वास्थ्य विज्ञान के विभिन्न संकायों के डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर तथा इंटर्नशिप पूरी करने वाले कुल 12,263 विद्यार्थियों को आधिकारिक रूप से उपाधि प्रदान की जाएगी।

इनमें से 99 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 146 स्वर्ण पदक, एक मेधावी विद्यार्थी को विशेष नकद पुरस्कार तथा 20 शोधार्थियों को पीच.डी. (विद्यावाचस्पति) की मानद उपाधि से नवाजा जाएगा।

आयुर्वेद शिक्षा, उन्नत अनुसंधान, स्वास्थ्य सेवा और मानव कल्याण के क्षेत्र में अतुलनीय एवं ऐतिहासिक योगदान देने वाले प्रख्यात चिकित्सक डॉ. सदानंद सरदेशमुख को विश्वविद्यालय की ओर से सर्वोच्च 'मानद डी.लिट.' उपाधि से सम्मानित किया जाएगा।

आयुर्वेद शिक्षा, उन्नत अनुसंधान, स्वास्थ्य सेवा और मानव कल्याण के क्षेत्र में अतुलनीय एवं ऐतिहासिक योगदान देने वाले प्रख्यात चिकित्सक डॉ. सदानंद सरदेशमुख को विश्वविद्यालय की ओर से सर्वोच्च 'मानद डी.लिट.' उपाधि से सम्मानित किया जाएगा।

डॉ. सदानंद सरदेशमुख को मानद डी. लिट. उपाधि

वर्ष 1967 से आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में कार्यरत डॉ. सरदेशमुख ने 1994 में एकीकृत कैसर अनुसंधान परियोजना शुरू की थी, जिसके माध्यम से 16 हजार से अधिक कैंसर रोगियों को आयुर्वेदिक उपचार से जीवनदान मिला है।

उनके शोध कार्यों के आधार पर अमेरिका के पांच और भारत के पांच पेटेंट पंजीकृत किए गए हैं। इसके अलावा एचआईवी-ए, संधिवात, महिला एवं बाल स्वास्थ्य और अस्थि उपचार के क्षेत्र में भी उनके अनुसंधान वैश्विक स्तर पर सराहे गए है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस दीक्षांत समारोह का सीधा प्रसारण (लाइव स्ट्रीमिंग) विश्वविद्यालय के आधिकारिक यूट्यूब चैनल के माध्यम से किया जाएगा, ताकि संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षक, छात्र, अभिभावक और अन्य नागरिक घर बैठे इस कार्यक्रम का हिस्सा बन सकें।

विभिन्न संकायों के अंतर्गत उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का विवरण इस प्रकार है

संकाय उपाधि प्राप्त विद्यार्थी
चिकित्सा संकाय 6,621
दंत चिकित्सा 2,192
आयुर्वेद एवं यूनानी 133
होम्योपैथी 405
नर्सिंग 732
फिजियोथेरेपी एवं ऑक्युपेशनल थेरेपी 369
स्नातकोत्तर चिकित्सा 207
बी.एससी. पैरामेडिकल 315
आयुर्वेद, यूनानी एवं होम्योपैथी (अन्य) 1,272
एलाइड हेल्थ साइंसेज 17
कुल 12,263

इन सभी छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक सफलता के लिए उपाधि प्रमाणपत्र तथा मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे।

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