Nashik Jan Akrosh Morcha: हिंदू किन्नर समाज की धार्मिक मान्यताओं, पूजा पद्धतियों और संवैधानिक अधिकारों पर हो रहे कथित हमलों के विरोध में नासिक में सकल हिंदू समाज की ओर से एक विशाल ‘जनआक्रोश मोर्चा’ निकाला गया। मोर्चे के माध्यम से आरोपी सलीम उर्फ सलमा और उसके साथियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की गई, साथ ही धर्मांतरण के दबाव और जबरन वसूली जैसे अपराधों को रोकने के लिए कानून में सख्त दंड का प्रावधान करने की अपील जिला प्रशासन से की गई।
जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कथड़ा (नासिक) निवासी सलीम उर्फ सलमा ने हिंदू किन्नरों को हिंदू पद्धति से पूजा न करने और धर्म परिवर्तन करने की धमकी दी। साथ ही गोमांस को लेकर अपमानजनक टिप्पणी कर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में सिन्नर पुलिस थाने में मामला दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब सलीम उर्फ सलमा की शिष्या अब्दुल शेख उर्फ पार्वती पाटिल पर 2 फरवरी को शुभम रिकामे नामक व्यक्ति को धमकाने का आरोप सामने आया। आरोप है कि मोबाइल के माध्यम से नग्न तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर ‘धर्मांतरण करो या 15 लाख रुपये दो’ की मांग की गई। पंचवटी पुलिस थाने में मामला दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर प्रदर्शनकारियों ने तीव्र आक्रोश व्यक्त किया।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित आरोपी कथित रूप से हिंदू नामों का दुरुपयोग कर स्वयं को किन्नर बताकर आम नागरिकों को धमकाते हुए वसूली कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के अनुसार यह कृत्य न केवल आपराधिक है, बल्कि सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। सकल हिंदू समाज ने मांग की है कि धर्म की स्वतंत्रता का उल्लंघन करने और सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ कानून में कठोर कारावास का प्रावधान किया जाए तथा लंबित मामलों के आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
इस जनआक्रोश मोर्चे में विधायक देवयानी फरांदे, किन्नर सेना की अध्यक्ष आराधना सखी, जगद्गुरु स्वामी हेमांगी सखी, वैष्णव किन्नर अखाड़ा की प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। जिला प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन की प्रतियां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को भी भेजी गई हैं।