Nashik News In Hindi: हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) नंबर प्लेट को लेकर वाहन मालिकों की परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। ऑनलाइन शुल्क का भुगतान करने के बावजूद, नंबर प्लेट लगवाने के लिए सेंटर पर जाने पर उन्हें 150 से 200 रुपये तक का अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।
यह रकम प्लेट के ब्रैकेट और फिटिंग चार्ज के नाम पर वसूली जा रही है। वाहन मालिकों का सवाल है कि जब शुल्क पहले ही ऑनलाइन भर दिया गया है, तो फिटिंग का खर्च परिवहन विभाग को निर्धारित फीस में क्यों शामिल नहीं किया गया। बता दें कि अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत सभी वाहनों पर एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है। पहले 15 अगस्त तक की समयसीमा तय की गई थी, जिसे अब सरकार ने बढ़ाकर 30 नवंबर कर दिया है।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि इसके बाद कोई अतिरिक्त मोहलत नहीं मिलेगी और सीधे दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। नासिक क्षेत्रीय परिवहन विभाग के अंतर्गत एचएसआरपी नंबर प्लेट फिटिंग के लिए 94 केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। ऑनलाइन बुकिंग करने वाले वाहन मालिकों को उनके घर के नजदीकी केंद्र पर अपॉइंटमेंट दी जाती है। निर्धारित समय पर केंद्र पहुंचने पर भी उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस स्थिति में अपॉइंटमेंट की तारीख निकल जाती है और वाहन मालिकों को दो-तीन दिन बाद फिर से आना पड़ता है। रविवार को सेंटर बंद होने से समस्या और बढ़ जाती है। कई वाहन मालिकों का कहना है कि ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी उन्हें बार-बार सेंटर के चक्कर लगाने पड़ रहे है। वहीं, फिटिंग चार्ज के नाम पर लिया जाने वाला अतिरिक्त पैसा उनके लिए वितीय बोझ और नाराजगी का कारण बन रहा है। लगातार शिकायतों के बावजूद फिलहाल विभाग की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं दिख रहा है। इससे वाहन मालिकों में असंतोष बढ़ रहा है और वे पारदर्शी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।