Gokul Gite Joins Shinde Sena Associate Member: नासिक विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद से ही जिस बड़े सियासी उलटफेर की उम्मीद की जा रही थी, उस पर अब मुहर लग गई है। निर्दलीय चुनाव जीतकर सबको चौंकाने वाले गोकुल गीते ने अब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का हाथ थाम लिया है। महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत द्वारा बुनी गई राजनीतिक रणनीति आखिरकार सफल रही, जिसके परिणामस्वरूप गोकुल गीते अब आधिकारिक तौर पर शिवसेना के सहयोगी सदस्य बन गए हैं।
मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उदय सामंत ने खुद इस महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा की। उन्होंने बताया कि विधायक गोकुल गीते ने आज से शिवसेना पार्टी के सहयोगी सदस्य के रूप में काम करने का फैसला लिया है। सामंत ने कहा, माननीय हमारे मुख्य नेता एकनाथ शिंदे साहब के नेतृत्व और मार्गदर्शन के नीचे वे भविष्य में काम करेंगे। उदय सामंत ने इस मौके पर गीते को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नासिक में शिवसेना की इकाई को और अधिक मजबूत करने और वहां के विकास के लिए गोकुल गीते अब पूरी तरह सक्रिय रहेंगे।
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे उदय सामंत की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है। गौरतलब है कि चुनाव के दौरान जब गोकुल गीते ने अपना व्यक्तिगत प्रचार रोक दिया था, तब उदय सामंत और गिरीश महाजन जैसे वरिष्ठ नेताओं ने उनके घर जाकर मुलाकात की थी। तभी से यह कयास लगाए जा रहे थे कि जीत के बाद गीते महायुति के साथ ही जाएंगे। उदय सामंत ने न केवल गीते का विश्वास जीता, बल्कि उन्हें उपमुख्यमंत्री के पाले में लाने में भी सफल रहे। सामंत के अनुसार, गीते अब एकनाथ शिंदे के सहकार्य से आगे बढ़ेंगे और शिवसेना को और आगे ले जाने के लिए अपना पूरा प्रयास करेंगे।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह स्पष्ट किया गया कि गोकुल गीते अब नासिक में शिवसेना के विकास कार्यों का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने खुद भी यह बयान दिया है कि वे शिंदे साहब के मार्गदर्शन में क्षेत्र की समस्याओं को सुलझाने और पार्टी के विस्तार के लिए काम करेंगे। उदय सामंत ने जोर देकर कहा कि गीते का यह निर्णय शिवसेना की मजबूती के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
गोकुल गीते का 'सहयोगी सदस्य' बनना यह दर्शाता है कि एकनाथ शिंदे अपनी पार्टी का प्रभाव बढ़ाने के लिए प्रभावशाली स्थानीय नेताओं को जोड़ने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। उदय सामंत द्वारा बिछाई गई इस बिसात ने न केवल नासिक में शिंदे सेना की पकड़ मजबूत की है, बल्कि विरोधियों को भी एक कड़ा संदेश दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि गीते के आने से नासिक की स्थानीय राजनीति में महायुति को कितना बड़ा लाभ मिलता है।