Dongrale Minor Physical Abuse-Murder Case: मालेगांव तहसील के डोंगराळे गांव में नाबालिग बच्ची के साथ कथित लैंगिक अत्याचार और हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत के समक्ष आरोपी के खिलाफ चार अलग-अलग अपराध सिद्ध हुए हैं। इन चारों अपराधों में आरोपी पर दोष निश्चित किया गया है। मामले में उम्रकैद से लेकर मृत्यु दंड तक की सजा का प्रावधान है।
वहीं, गंभीर परिस्थितियों में मृत्यु तक आजीवन कारावास अथवा फांसी जैसी सजा पर भी अदालत द्वारा विचार किया जा सकता है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, सजा सुनाए जाने से पहले आरोपी और उसके वकील को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है।
अदालत ने आरोपी के पिछले एक वर्ष के जेल में व्यवहार तथा गांव में उसके आचरण से संबंधित जानकारी भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आरोपी और उसके वकील को सिद्ध हुए अपराधों तथा संभावित सजा के संबंध में अपना लिखित अथवा मौखिक पक्ष अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।
अब आरोपी को आजीवन कारावास या मृत्यु दंड में से कौन-सी सजा दी जाए, इस संबंध में आवश्यक रिपोर्ट 7 अक्टूबर को अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी।
उस दिन आरोपी की सजा पर अदालत में आगे की कार्यवाही होने की संभावना है। इस मामले में आज विशेष सरकारी वकील एड. उज्वल निकम हाजिर रहे अदालत जब आरोप पत्र निश्चित कर दिये तब सरकार पक्ष की जानिब से कहा गया कि आरोपी। मानसिक स्थिति की जांच होनी चाहिए, इसलिए अदालत ने मांसोपचार डॉक्टर से जांच कर अगले तारीख को अदालत में हाजिर रहने को कहां।
एड. उज्वल निकम ने स्थानिक, वकील संघ और विशेष रूप से राज्य सरकार के मंत्री दादा भूसे कम आभार वक्त किया और कहा कि डोंगराला गांव ने एक संघ हो कर बुराई का विरोध किया और उस का नतीजा जांच सही रुख पर हुई।
राज्य सरकार के मंत्री दादा भूसे ने कहा कि विशेष सरकारी वकील और सभी मदद करने वालों का शुक्रिया, फैसले से ऐसा दुषकर्म करने वालों को सबक मिलेगा। अदालत में डोंगराले की सुनवाई के दौरान कड़ी सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। अनावश्यक लोगो का प्रवेश बंद कर दिया गया था। अपर पोलिस अधीक्षक सूरज गुंजाल ने अपनी निगरानी में अदालत के अंदर और बाहर कड़क सुरक्षा इंतजाम किए थे।