छगन भुजबल (सोर्सः फाइल फोटो) 
नासिक

येवला में लगे 'साहेब निर्णय लें' के पोस्टर, राज्यसभा टिकट न मिलने से नाराज भुजबल समर्थक, दिए आर-पार के संकेत

Chhagan Bhujbal News : राजेंद्र जैन को राज्यसभा टिकट मिलने के बाद येवला में 'साहेब निर्णय लें' के पोस्टर लग गए हैं।छगन भुजबल समर्थकों की नाराजगी खुलकर सामने आई है और राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

आलोक उमाकृष्ण

NCP Rajya Sabha Ticket Sparks Political Reaction: उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट के लिए जहां कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल प्रबल दावेदार माने जा रहे थे और उनका नाम रेस में सबसे आगे था, वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने अचानक राजेंद्र जैन को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद मंत्री छगन भुजबल के नाराज होने की चर्चाएं गर्म हैं। इसी बीच, भुजबल के गढ़ माने जाने वाले येवला शहर और तहसील में साहेब निर्णय लें (साहेब निर्णय घ्या) लिखे पोस्टर लगने से राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

पोस्टरबाजी का क्या है उद्देश

येवला शहर के विभिन्न चौराहों, प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर ये पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने भुजबल के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की है और उनसे अपने अगले राजनीतिक कदम के बारे में ठोस निर्णय लेने का आग्रह किया है। इसके चलते इस पोस्टरबाजी की चर्चा अब हर तरफ हो रही है। राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर भुजबल समर्थकों को उनकी उम्मीदवारी की पूरी उम्मीद थी।

इसके साथ ही, कार्यकर्ताओं द्वारा समीर भुजबल को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग भी लगातार की जा रही थी लेकिन पार्टी द्वारा राजेंद्र जैन के नाम पर मुहर लगाए जाने के बाद येवला में भुजबल समर्थकों और राकांपा कार्यकर्ताओं के बीच भारी असंतोष की भावना है। छगन भुजबल को महाराष्ट्र में ओबीसी समाज का एक प्रमुख चेहरा और बड़ा नेता माना जाता है।

इन पोस्टरों को लगाने के पीछे किसका है हाथ!

येवला निर्वाचन क्षेत्र में उनका संगठन मजबूत और बड़ा जनाधार है, जिसके कारण उनके हर राजनीतिक कदम पर कार्यकर्ताओं और विरोधियों दोनों की नजरें टिकी रहती हैं। ऐसी स्थिति में अचानक सामने आए इन पोस्टरों ने राजनीतिक सरगर्मियों को और तेज कर दिया है।

लेकिन, इन पोस्टरों को लगाने के पीछे किसका हाथ है, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन येवला तहसील की राजनीति में इसे लेकर जोरदार बहस छिड़ गई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि छगन भुजबल आने वाले समय में क्या रुख अपनाते हैं और अपने कार्यकर्ताओं की इन भावनाओं पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं।

Hotel Room Safety: होटल में चेक-इन करते ही करें ये 10 जरूरी काम, सुरक्षा में न करें लापरवाही

गुवाहाटी के होटल में अंधाधुंध फायरिंग, गोलीबारी में 4 लोगों की मौत; सामने आया खौफनाक VIDEO

SIR पर विपक्ष के प्रदर्शन के जवाब में सड़क पर उतरेंगे केंद्रीय मंत्री! क्या है BJP का प्लान?

SIR के तीनों आदेश सर्वसम्मति से लिए गए, चुनाव आयोग का सुप्रीम कोर्ट में जवाब

UP MLC चुनाव में गड़बड़ी पर एक्शन, 6 अधिकारियों पर गिरी गाज; इन बूथों पर वोटिंग भी रद्द