पानी की जांच, प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स- AI
नासिक

बोरवेल से निकला पीला जहरीला पानी, नाशिक के अंबड में केमिकल रिसाव की आशंका, पालकमंत्री MPCB को दिए नोटिस

Nashik Borewell Pollution: नाशिक के अंबड औद्योगिक क्षेत्र में बोरवेल से पीला रसायनयुक्त पानी आने से हड़कंप मच गया है। पालकमंत्री गिरीश महाजन ने दौरा कर जांच के आदेश दिए, MPCB ने कंपनी को नोटिस थमाया।

प्रमोद यादव

Ambad Dattanagar Yellow Water: नाशिक जिले में अंबड औद्योगिक वसाहत के दत्तनगर क्षेत्र में बोरवेल से पीले रंग का पानी आने की शिकायत से नागरिकों में चिंता का माहौल है। औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले रसायनयुक्त अपशिष्ट पानी के जमीन में रिसाव की आशंका के चलते मामला गंभीर हो गया है। शिकायत के बाद महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने एक कंपनी को नोटिस जारी किया है।

मनपा महासभा में भी उठा था मुद्दा

दो दिन पहले नाशिक मनपा की महासभा में भी नगरसेवकों ने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। नगरसेवक रसायनयुक्त पीले पानी से भरी बोतलें लेकर महासभा में पहुंचे और प्रशासन का ध्यान दत्तनगर क्षेत्र की स्थिति की ओर आकर्षित किया।

बोरवेल के पानी का रंग बदलने के साथ ही नागरिकों के स्वास्थ्य और भूजल की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए गए। क्षेत्र में लंबे समय से औद्योगिक गतिविधियां चल रही हैं। ऐसे में औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले अपशिष्ट पानी का उचित निपटारा हो रहा है या नहीं, इसकी जांच की मांग की गई।

पालकमंत्री गिरीश महाजन ने किया प्रत्यक्ष दौरा

इसी पृष्ठभूमि में गुरुवार को पालकमंत्री गिरीश महाजन ने अधिकारियों के साथ दत्तनगर क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया और स्थानीय नागरिकों

से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं। नागरिकों ने बोरवेल के पानी का रंग बदलने, पानी में रसायन होने की आशंका तथा इससे भविष्य में स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर अपनी चिंताएं महाजन के सामने रखीं।

स्वास्थ्य विभाग को भी सतर्क रहने की हिदायत

महाजन ने स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक सावधानी बरतने तथा नागरिकों के स्वास्थ्य से संबंधित जरूरी उपाययोजना करने के निर्देश दिए। पानी की गुणवत्ता की जांच के साथ ही जरूरत पड़ने पर नागरिकों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली औद्योगिक गतिविधियों की जांच कर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को भी समान महत्व देना आवश्यक है।

पानी के नमूनों की वैज्ञानिक जांच

महाजन ने कहा कि नागरिकों की शिकायतों और क्षेत्र की स्थिति को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने अधिकारियों को रसायनयुक्त अपशिष्ट पानी छोड़ने वाली संबंधित कंपनियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

साथ ही प्रभावित क्षेत्र के पानी के नमूने लेकर उनकी वैज्ञानिक जांच कराने को कहा, जांच रिपोर्ट के आधार पर पानी में मौजूद रसायनों और प्रदूषण के संभावित कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर

दत्तनगर क्षेत्र में सामने आए मामले के बाद अब प्रदूषण नियंत्रण मंडल और महानगरपालिका प्रशासन की कार्रवाई पर नागरिकों की नजर है।

पानी के नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बोरवेल में पीले रंग का पानी आने के पीछे कौन से रसायन जिम्मेदार है और उसका स्रोत क्या है। इस अवसर पर विधायक देवयानी फरांदे, विधायक सरोज आहिरे, महापौर हिमगौरी आडके तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Bypoll Results 2026 Live: तमिलनाडु में TVK-AIADMK में टक्कर, बंगाल में BJP आगे, पुडुचेरी- असम में मतगणना जारी

Bypoll Results 2026: आज 4 राज्यों की 6 सीटों पर काउंटिंग, विजय और सुवेंदु अधिकारी की परीक्षा

Starlink: थैंक यू राहुल...यह वाकई चिंताजनक है, स्टारलिंक पर एलन मस्क का बयान; सरकार बोली- नियम सभी के लिए समान

Mulayam Singh Yadav: पहलवानी के चरखा दांव से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक, ऐसा रहा उनका UP का सियासी सफर

IMD Rain Alert: यूपी-दिल्ली समेत कई राज्यों में बारिश की संभावना, केरल-तमिलनाडु में भारी बारिश