

PM Modi Photo Removal MNS Protest Demand: नासिक के दुय्यम निबंधक कार्यालय में महापुरुषों के चित्रों की कतार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोटो लगाए जाने और उसका आकार अन्य तस्वीरों से बड़ा होने पर महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना (मनविसे) ने कड़ा ऐतराज जताया है।
संगठन का कहना है कि यह केवल फोटो के आकार का मुद्दा नहीं, बल्कि सरकारी कार्यालयों में महापुरुषों के सम्मान से जुड़ा सवाल है। मनविसे का तर्क है कि छत्रपती शिवाजी महाराज, महात्मा फुले, सावित्रीबाई फुले, शाहू महाराज और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे महापुरुषों का योगदान अविस्मरणीय है।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सर्वोच्च संवैधानिक पद हैं, जिनका सम्मान होना चाहिए, लेकिन उनके चित्र विहित प्रोटोकॉल के तहत अलग दीवार पर लगाए जाने चाहिए।
मनविसे ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में महापुरुषों के चित्रों के साथ प्रधानमंत्री का फोटो लगाते समय निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया जाना चाहिए। संगठन के अनुसार, राज ठाकरे और अमित ठाकरे भी पहले इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं।
मनविसे का आरोप है कि नासिक के दुय्यम निबंधक कार्यालय में महापुरुषों की तस्वीरों की कतार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपेक्षाकृत बड़ा फोटो लगाया जाना केवल तस्वीर के आकार का विषय नहीं है, बल्कि इससे सरकारी कार्यालयों में महापुरुषों के सम्मान और प्रोटोकॉल को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
संगठन ने आरोप लगाया कि इस तरह तस्वीर लगाने से नियमों की बजाय सत्ता के प्रभाव को प्राथमिकता दिए जाने का संदेश जाता है।
मनविसे ने प्रशासन से मांग की है कि दो दिनों के भीतर सरकारी कार्यालय में लगी तस्वीरों की व्यवस्था में बदलाव किया जाए। संगठन के अनुसार, छत्रपती शिवाजी महाराज, महात्मा फुले, सावित्रीबाई फुले, शाहू महाराज और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे महापुरुषों के चित्रों को अलग कतार में सम्मानजनक तरीके से लगाया जाए।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चित्र निर्धारित आकार में स्वतंत्र दीवार पर लगाया जाए। महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना ने स्पष्ट किया कि यह मांग तय समयसीमा में पूरी नहीं होने पर संगठन की ओर से आंदोलन किया जाएगा।
पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि मांग पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में ‘MNS स्टाइल’ आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपते समय मनविसे जिलाध्यक्ष ललित वाघ सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।