Festivals Eclipse And Nashik Simhastha Kumbh: नया साल 2027 कई महत्वपूर्ण खगोलीय और धार्मिक घटनाओं का गवाह बनेगा। हालांकि, नौकरीपेशा लोगों के लिए यह साल छुट्टियों के लिहाज से काफी कम रहने वाला है।
पंचांगकर्ता और खगोल तज्ञ डी. के. सोमण के अनुसार, वर्ष 2027 में कई सार्वजनिक छुट्टियां रविवार और शनिवार को पड़ रही हैं। इसके कारण अन्य वर्षों की तुलना में छुट्टियां कम मिलेंगी।
सोमण के अनुसार, वर्ष 2027 में महावीर जयंती 18 अप्रैल, स्वतंत्रता दिवस, पारसी नववर्ष और ईद-ए-मिलाद 15 अगस्त तथा गुरु नानक जयंती 14 नवंबर को रविवार पड़ेगा।
वहीं महाशिवरात्रि 6 मार्च, महाराष्ट्र दिवस 1 मई, गणेश चतुर्थी 4 सितंबर, महात्मा गांधी जयंती 2 अक्टूबर, विजयादशमी 9 अक्टूबर, दिवाली बलिप्रतिपदा 30 अक्टूबर और क्रिसमस 25 दिसंबर शनिवार को आएंगे।
इस तरह कई महत्वपूर्ण त्योहार और राष्ट्रीय पर्व सप्ताहांत में आने के कारण अतिरिक्त अवकाश का लाभ नहीं मिल सकेगा।
वर्ष 2027 में महाराष्ट्र के नासिक-त्र्यंबकेश्वर में सिंहस्थ कुंभ मेले का आयोजन भी होगा। इसकी प्रमुख अवधि 25 जून 2027 से 26 नवंबर 2027 तक बताई गई है। इसके अलावा 31 अक्टूबर 2026 से 24 जनवरी 2027 तक भी कुंभ से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक काल रहेगा।
वर्ष 2027 में कुल पांच ग्रहण होने की जानकारी दी गई है। इनमें दो सूर्य ग्रहण और तीन छायाकल्प चंद्र ग्रहण शामिल हैं। 6 फरवरी 2027 को कंकणाकृति सूर्य ग्रहण होगा, जो भारत से दिखाई नहीं देगा। वहीं 2 अगस्त 2027 को खग्रास सूर्य ग्रहण होगा, जो भारत में खंडग्रास स्थिति में दिखाई देगा।
इस सूर्य ग्रहण की पूर्ण खग्रास स्थिति स्पेन, जिब्राल्टर, मोरक्को, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, लीबिया, मिस्र, सूडान, सऊदी अरब, यमन और सोमालिया के कुछ हिस्सों से देखी जा सकेगी।
बताया गया है कि 2 अगस्त 2027 का सूर्यग्रहण इस सदी में लंबी अवधि वाला खग्रास सूर्यग्रहण होगा। इसकी अधिकतम खग्रास अवधि 6 मिनट 23 सेकंड बताई गई है। इससे पहले 22 जुलाई 2009 के सूर्यग्रहण में 6 मिनट 39 सेकंड की खग्रास स्थिति देखी गई थी।
इसके बाद 3 जून 2114 को होने वाले सूर्य ग्रहण में 6 मिनट 32 सेकंड की खग्रास स्थिति रहने की जानकारी दी गई है। वर्ष 2027 में 20 फरवरी और 18 जुलाई को होने वाले छायाकल्प चंद्र ग्रहण भारत से दिखाई देंगे, जबकि 17 अगस्त का छायाकल्प चंद्र ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा।
22 जनवरी 2027 को आसमान में सुपरमून देखने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा 4 मार्च और 30 नवंबर 2027 को चंद्रमा और शुक्र की युति का मनोहारी खगोलीय नजारा देखने को मिलेगा।
पंचांग के अनुसार, वर्ष 2027 में कई प्रमुख त्योहार पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 दिन पहले आएंगे। गणेश चतुर्थी शनिवार, 4 सितंबर 2027 को होगी। इसी दिन ऋषि पंचमी भी पड़ रही है। गणेशोत्सव के बाद अनंत चतुर्दशी 11वें दिन आएगी।
वर्ष 2027 में आश्विन शुक्ल प्रतिपदा क्षय तिथि होने के कारण नवरात्रि की शुरुआत को लेकर विशेष स्थिति बनेगी। पंचांगकर्ता डी. के. सोमण के अनुसार, गुरुवार, 30 सितंबर 2027 को भाद्रपद कृष्ण अमावस्या समाप्त होने के बाद सुबह 8 बजकर 05 मिनट पर घटस्थापना कर नवरात्रि का शुभारंभ किया जाना चाहिए।
बताया गया है कि इससे पहले ऐसी स्थिति वर्ष 2004 में बनी थी और अगली बार 2036 में इसी तरह का संयोग आएगा।
वर्ष 2027 लीप वर्ष नहीं है, इसलिए इस साल कुल 365 दिन होंगे। छुट्टियों के सप्ताहांत पर पड़ने के कारण भले ही अतिरिक्त अवकाश कम मिले, लेकिन खगोलीय और धार्मिक घटनाओं के लिहाज से 2027 बेहद महत्वपूर्ण वर्ष रहने वाला है।