

Thackeray Brothers SIR Protest Political Row: विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में ठाकरे बंधुओं के नेतृत्व में निकाले गए मोर्चे को लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने जिन्हें नकारकर घर का रास्ता दिखाया, वही आज सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रहे हैं।
केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने SIR को लेकर विपक्ष के विरोध पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण यानी SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है। मोहोल के अनुसार, देश में इससे पहले करीब 13 बार SIR की प्रक्रिया हो चुकी है और वर्तमान प्रक्रिया 14वीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि SIR केंद्र या राज्य सरकार द्वारा लिया गया कोई राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया है। मोहोल ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उसके पास सरकार को घेरने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है।
इसलिए SIR को लेकर आंदोलन कर राजनीतिक प्रचार हासिल करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।
मोहोल ने सवाल किया कि अगर SIR इतना गंभीर मुद्दा है, तो केरल, तेलंगाना, झारखंड और कर्नाटक जैसे राज्यों में इसका विरोध क्यों नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि SIR को लेकर महाराष्ट्र में ही राजनीतिक विरोध क्यों किया जा रहा है, इस पर विपक्ष को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
मोहोल ने दावा किया कि केंद्र और महाराष्ट्र सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं और परियोजनाओं से राज्य में विकास कार्यों को गति मिली है। उनके मुताबिक, सरकार के कामकाज से जनता संतुष्ट है और विकास का असर जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने विपक्ष के आंदोलन को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश बताया।
मोर्चे में संविधान की प्रतियां लेकर शामिल प्रदर्शनकारियों पर भी मोहोल ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संविधान पर विश्वास जताने वाले लोग उसी संविधान के तहत काम करने वाली न्यायपालिका, चुनाव आयोग और अन्य स्वायत्त संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं। यह संविधान के सम्मान को लेकर विरोधाभास पैदा करता है।
नवभारत लाइव के लिये समीर सय्यद की रिपोर्ट