Nanded MLA Demands Workers: किनवट माहुर के आदिवासी एवं दूरदराज क्षेत्रों में किसानों को कृषि कार्यों के लिए मजदूरों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों की कमी के साथ ही मजदूरी दरों में लगातार बढ़ोतरी होने से खेती की लागत भी बढ़ती जा रही है।
इस गंभीर समस्या को देखते हुए विधायक भीमराव केराम ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से विकसित भारत ग्राम योजना (वीबी-जी राम जी) का दायरा बढ़ाकर किसानों को कृषि कार्यों के लिए मजदूर उपलब्ध कराने की मांग की है।
मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में विधायक केराम ने कहा कि नांदेड़ जिले के किनवट और माहुर तहसील के आदिवासी बहुल एवं दुर्गम क्षेत्रों के अधिकांश नागरिकों की आजीविका कृषि पर निर्भर है। ऐसे में कृषि कार्यों के लिए मजदूरों की कमी और बढ़ती मजदूरी किसानों के लिए बड़ी आर्थिक चुनौती बन गई है।
मजदूर नहीं मिलने के कारण कई किसानों के कृषि कार्य समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं, जिसका सीधा असर फसल उत्पादन पर पड़ रहा है। विधायक केराम ने मांग की है कि केंद्र सरकार द्वारा 1 जुलाई 2026 से शुरू की गई विकसित भारत ग्राम योजना का दायरा बढ़ाकर ग्राम पंचायत स्तर पर कृषि कार्यों के लिए अलग व्यवस्था की जाए।
किसानों की मांग के अनुसार उन्हें मजदूर उपलब्ध कराए जाएं तथा संबंधित मजदूरों की मजदूरी का भुगतान योजना के माध्यम से किया जाए। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से किसानों के कृषि खर्च में कमी आएगी और खेती के कार्य समय पर पूरे हो सकेंगे।
इससे किसानों पर बढ़ते कर्ज का बोझ कम करने में भी मदद मिलेगी। साथ ही ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। विधायक के अनुसार इस पहल से कृषि क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
विधायक भीमराव केराम ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांग पर सकारात्मक विचार करते हुए आदिवासी एवं दूरदराज क्षेत्रों के किसानों के हित में आवश्यक नीतिगत निर्णय लेगी।