

Sanjay Raut On Parliament Monsoon Session: संसद का मानसून सत्र आज खत्म हो गया। वंदे मातरम गायन के साथ लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। हालांकि सत्र के दौरान लगातार गतिरोध जारी रहा। इसी बीच शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने छात्रों से जुड़े मुद्दे पर बहस को लेकर अमित शाह पर सवाल उठाए हैं।
संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष नीट पेपर लीक, देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र आंदोलनों पर हुई पुलिस कार्रवाई और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार को लगातार घेरने में जुटा रहा। विपक्षी दलों की मुख्य मांग थी कि गृह मंत्री अमित शाह स्वयं सदन में उपस्थित होकर इन गंभीर विषयों पर जवाब दें।
दूसरी ओर, सत्ता पक्ष का आरोप है कि सरकार नियमानुसार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार थी, लेकिन विपक्ष अपनी नाकामियों को छिपाने और राजनीति करने के लिए चर्चा से भाग रहा था।
शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने इन आरोप पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि कोई भी चर्चा से भाग नहीं रहा है। अमित शाह सांसद और गृह मंत्री हैं, उन्हें अंदर आने से किसने रोका? उन्हें चर्चा के लिए अंदर आना चाहिए।
संजय राउत ने कहा कि विपक्ष छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर बहस चाहता है। नीट पेपर लीक और झारखंड, बिहार समेत अन्य राज्यों में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल हैं। ऐसे में गृह मंत्री का सदन में आकर जवाब देना जरूरी है।
इसके अलावा संजय राउत ने महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि आपको मराठी समझनी चाहिए। आप देश में कहीं भी जाएं चाहे गुजरात, कर्नाटक, बिहार, हरियाणा या कोई अन्य राज्य हो, अगर आप ऐसे पेशे में हैं जिसमें ग्राहकों से बातचीत करनी पड़ती है, तो आपको स्थानीय भाषा सीखनी चाहिए ताकि आप उनसे बात कर सकें।
सांसद संजय राउत ने कहा कि यह बात पूरे देश पर लागू होती है। यह सिर्फ एक राज्य की बात नहीं है। अगर कोई मुंबई में ऑटो चलाता है तो उसे मराठी आनी चाहिए, जैसे बेंगलुरु में कन्नड़ और अहमदाबाद में गुजराती।
वहीं पूर्व जज यशवंत वर्मा के खिलाफ आरोप सिद्ध होने पर संजय राउत ने कहा कि यह अच्छी बात है कि एसआईटी ने उनकी जांच की और ठीक से पूछताछ की, हालांकि आज भी न्यायपालिका में ऐसे कई यशवंत वर्मा मौजूद हैं।