नागपुर

ZP के विद्यार्थियों को नहीं मिला गणवेश; ओबीसी-ओपन वर्ग के लिए सेस फंड से नहीं दी गई निधि

नवभारत डेस्क
  • 15,600 विद्यार्थी कर रहे इंतजार
  • 66,216 को समग्र शिक्षा निधि से हो रहा उपलब्ध

नागपुर. सरकार के आदेशानुसार 1 दिसंबर से जिले में सभी शालाएं खुल गई हैं. जिला परिषद की शालाएं भी शुरू हो चुकी हैं. शाला तो खुल गई हैं लेकिन विद्यार्थियों को इस वर्ष अब तक गणवेश का वितरण नहीं किया गया है. सरकार द्वारा समग्र शिक्षा अभियान के तहत एससी, एसटी और बीपीएल वर्ग के छात्र व छात्राओं को गणवेश का वितरण किया जाता है. कुछ शालाओं में तो वितरण शुरू हो गया है लेकिन जिला परिषद के सेस फंड से ओबीसी व ओपन वर्ग के बच्चों को भी गणवेश देने की जो घोषणा की गई थी वह अब तक नहीं दिया गया है.

शाला में पहुंच रहे बच्चों को नया गणवेश मिलने का बेसब्री से इंतजार है. एससी, एसटी व बीपीएल वर्ग के बच्चों को तो सरकार की ओर से ही हर शिक्षा सत्र में नया गणवेश दिया जाता है लेकिन ओबीसी व ओपन वर्ग के बच्चों को गणवेश का कोई प्रावधान नहीं है. जिला परिषद के पूर्व सदस्य शिवकुमार यादव ने सबसे पहले डीपीसी फंड से इन बच्चों को भी गणवेश देने के लिए निधि देने की मांग समिति से की थी लेकिन सुनवाई नहीं हुई. उसके बाद पदाधिकारियों ने जिप के सेस फंड से ही इन बच्चों को गणवेश देने का प्रावधान किया. निधि का भी प्रावधान किया गया लेकिन इस वर्ष ऐसे 15,600 से अधिक बच्चों को अब तक गणवेश नहीं दिया गया है.

खाली है तिजोरी

कोरोना काल में सरकार द्वारा जिला परिषद को मुद्रांक शुल्क का हिस्सा तक नहीं मिला है. बीते 2 वर्षों से जेडपी की तिजोरी खाली है. भले ही सेस फंड का बजट मंजूर कर लिया गया हो लेकिन उसमें किए गए प्रावधानों को अमल में लाने के लिए निध ही नहीं है जिसके चलते परेशानी हो रही है. जानकारी के अनुसार, समग्र शिक्षा अभियान के तहत आने वाले विद्यार्थियों को गणवेश वितरण के लिए  राज्य शिक्षा परिषद से 1.99 करोड़ रुपये की निधि शिक्षा विभाग को मिल चुकी है.

जिला परिषद की शालाओं के पहली से आठवीं तक के 66,216 बच्चों को एक गणवेश शाला व्यवस्थापन समिति के माध्यम से इस निधि से वितरित करने की शुरुआत कर दी गई है. गणवेश के ऑर्डर हो चुके हैं और कुछ शालाओं के विद्यार्थियों को वितरण भी हो गया है लेकिन ओबीसी और ओपन वर्ग के विद्यार्थी अपने गणवेश का इंतजार ही कर रहे हैं. इन वर्गों के करीब 16,000 विद्यार्थियों को इस वर्ष गणवेश देने का नियोजन भी शून्य ही नजर आ रहा है जिसका कारण सेस फंड में पैसे ही नहीं होना है. कार्यालयीन खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है.

पिछले वर्ष हुआ था वितरण

पिछले वर्ष सभी बच्चों को गणवेश का वितरण किए जाने की जानकारी अधिकारी ने दी. उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी सेस फंड से ओबीसी-ओपन वर्ग के बच्चों को गणवेश दिया जाएगा. इसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है. आगामी सर्वसाधारण सभा में इस खर्च को मंजूरी के लिए रखा जाएगा. उन्होंने भी माना कि सरकार से फंड नहीं आने के कारण किल्लत चल रही है. जिला परिषद शिक्षा विभाग की ओर से अब तक शालाओं को निधि ट्रांसफर नहीं की गई है. शालाएं शुरू हो चुकी हैं और एससी, एसटी व बीपीएल वर्ग के बच्चों को गणवेश वितरित होना शुरू हो चुका है. ऐेसे में ओबीसी व ओपन वर्ग के बच्चों को गणवेश नहीं मिलने से निराशा हो रही है. वे सवाल कर रहे हैं कि उन्हें कब स्कूल ड्रेस मिलेगी. 

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