नागपुर जिला परिषद के जलापूर्ति विभाग में ठेकेदारों ने धरना आंदोलन किया।
जल जीवन मिशन और अन्य जलापूर्ति योजनाओं के करोड़ों रुपये के बिल लंबित होने का दावा।
ठेकेदारों ने FDR की राशि वापस करने की मांग उठाई।
कार्यकारी अभियंता के कक्ष के सामने विवाद बढ़कर हाथापायी तक पहुंचा।
Nagpur Zilla Parishad Water Supply Department: नागपुर जिले में जल जीवन मिशन और जलापूर्ति योजनाओं से संबंधित लंबित बिलों के साथ ही एफडीआर (फिक्स्ड डिपॉजिट रिसिप्ट) की राशि नहीं मिलने से नाराज ठेकेदारों ने सोमवार को जिला परिषद के जलापूर्ति विभाग में धरना आंदोलन किया।
इस दौरान कार्यकारी अभियंता के कक्ष के सामने जमकर हंगामा हुआ। ठेकेदारों के बीच विवाद बढ़कर हाथापायी तक पहुंच गया जिसके चलते अंततः पुलिस को बुलाना पड़ा। देर रात तक इस मामले का कोई समाधान नहीं निकल सका था। जल जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों के करोड़ों रुपये के बिल लंबित हैं।
इससे पहले से ही आर्थिक संकट का सामना कर रहे ठेकेदारों के लिए काम का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा एफडीआर की राशि भी वापस नहीं मिलने से ठेकेदारों में भारी नाराजगी है। दीपावली त्योहार नजदीक होने के बावजूद भुगतान मिलने की उम्मीद नहीं दिखने से उनका आक्रोश बढ़ गया।
नाराज ठेकेदारों ने विभाग कार्यालय के भीतर ही ठीया आंदोलन शुरू कर दिया। कुछ ठेकेदारों ने कहा कि जब तक एफडीआर की राशि उन्हें नहीं मिल जाती तब तक कर्मचारियों के अलावा किसी को भी कार्यकारी अभियंता के कक्ष में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
इस दौरान कुछ ठेकेदार कक्ष में जाने लगे जिससे विवाद शुरू हो गया। हालत ऐसी हो गई कि कार्यकारी अभियंता को उनके ही कक्ष में कैद करने जैसी स्थिति बन गई। कार्यालय में तनाव का माहौल बन गया।
ठेकेदारों के बीच विवाद बढ़ने पर पुलिस को बुलाया गया। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद ठेकेदारों का धरना जारी रहा। फ़िक्स्ड डिपॉज़िट रसीद (FDR) की राशि और लंबित बिलों के भुगतान के संबंध में ठोस निर्णय होने तक आंदोलन वापस नहीं लेने की भूमिका ठेकेदारों ने अपनाई, देर रात तक आंदोलन जारी था।