Nagpur Woman Sub Inspector Corruption Case: नागपुर जिले में छेड़खानी की शिकायत में कार्रवाई न करने की एवज में एक व्यक्ति से 30,000 रुपये की रिश्वत की मांग करने वाली वाठोड़ा थाने की महिला सब-इंस्पेक्टर को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सब-इंस्पेक्टर प्रणाली बेनके बताई गई। शिकायतकर्ता प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। एक महिला के साथ उनका कुछ व्यवहार हुआ था जिसके कमीशन के पैसे शिकायतकर्ता को महिला से लेने थे।
उन्होंने महिला के खिलाफ वाठोड़ा थाना में शिकायत का आवेदन दिया था। जांच के दौरान उस महिला ने ही शिकायतकर्ता के खिलाफ छेड़खानी की शिकायत कर दी जिसकी जांच सब-इंस्पेक्टर बेनके कर रही थी। बेनके ने शिकायतकर्ता को थाने बुलाया। महिला की शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने की एवज में 28 फरवरी 2026 को एक निजी व्यक्ति के जरिए 20,000 रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता ने उनके खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो कार्यालय में शिकायत की।
शिकायत के आधार पर एसीबी की टीम ने 6 मार्च 2026 को रिश्वत की मांग का वेरिफिकेशन किया और शिकायत सही पाई गई। लेकिन उस समय बेनके ने 30,000 रुपये की डिमांड की। शिकायतकर्ता द्वारा असमर्थता दिखाने पर बेनके 10,000 रुपये लेने को तैयार हो गई लेकिन संदेह होने के कारण रकम स्वीकार नहीं की।
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वेरिफिकेशन में बेनके द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के कारण मंगलवार को एसीबी ने वाठोड़ा थाने में भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कानून के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया। एसपी दिगांबर प्रधान, अतिरिक्त एसपी माधुरी बाविस्कर और विजय माहुलकर के मार्गदर्शन में डीवाईएसपी शुभांगी वानखेड़े, इंस्पेक्टर रवींद्र सहारे, वैशाली आठवले, हेडकांस्टेबल अस्मिता मल्लेलवार, सरिता मेश्राम, अनिल बहिरे, मिलिंद मेश्राम और हर्षलता भरडकर ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
एसीबी के एसपी प्रधान ने नागरिकों से अपील की है कि नागपुर सहित वर्धा, भंडारा, चंद्रपुर, गोंदिया और गड़चिलोरी जिले में कोई भी सरकारी अधिकारी कर्मचारी या उनका एजेंट वैध काम के लिए रिश्वत मांगे तो सीधे एसीबी से संपर्क करें। नियमानुसार शासकीय शुल्क के अलावा किसी भी प्रकार की रकम मांगना रिश्वतखोरी है। शिकायतकर्ता के आवेदन पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान जब्त की गई रकम 1 महीने के भीतर लौटाई जाएगी। संबंधित विभाग से उनका वैध काम भी करवाया जाएगा।