बारिश की कमी से सूखे की कगार पर खड़ी खरीफ फसलें सोर्स: सोशल मीडिया
नागपुर

विदर्भ के 8 जिलों में गहराया सूखा, अमरावती-अकोला में 40% कम बारिश, क्या बर्बादी की कगार पर है फसलें

Soybean and cotton crops: विदर्भ के 8 जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। अमरावती और अकोला में हालात बेहद चिंताजनक हैं, जिससे सोयाबीन और कपास की फसलों पर संकट मंडरा रहा है।

प्रमोद यादव

Vidarbha Monsoon Update: विदर्भ और संपूर्ण महाराष्ट्र में पिछले कुछ वर्षों से मौसम का चक्र तेजी से बदल रहा है। जलवायु परिवर्तन के कारण अब अल्प समय में अत्यधिक और मूसलाधार बारिश की घटनाओं में भारी वृद्धि दर्ज की जा रही है।

आंकड़े बता रहे हैं कि विदर्भ के 11 जिलों में से केवल 3 जिलों में ही औसत बारिश हुई है, जबकि अन्य जिलों में बारिश की भारी कमी दर्ज की गई है। अमरावती, अकोला, गड़चिरोली, वाशिम जैसे जिलों में आने वाले समय में पानी को लेकर भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, जबकि नागपुर में भी 34 फीसदी बारिश कम दर्ज की गई है। 

विदर्भ में जिला-वार बारिश की स्थिति

जिलावास्तविक बारिश (मिमी)सामान्य बारिश (मिमी)अंतर / कमी (%)
अकोला406.9694.2-41%
अमरावती472.1822.9-43%
भंडारा911.11085.1-16%
बुलढाना511.1647.6-21%
गढ़चिरौली1082.31289.7-33%
गोंदिया1206.41214.7-1%
नागपुर621938.5-34%
वर्धा551.7840.8-34%
वाशिम487.8772.3-37%
यवतमाल592.7808.8-27%
सब-डिवीजन (कुल)687.3937.3-27%

शहरीकरण और 'अर्बन हीट आइलैंड' का प्रभाव

चोपणे के अनुसार 2013 से 2018 के दौरान नागपुर जिले में सितंबर महीने की बारिश का पैटर्न काफी हद तक सामान्य था लेकिन 2019 के बाद से बारिश के आंकड़ों में अप्रत्याशित उछाल आया है।

बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई और कंक्रीट के निर्माण के कारण जमीन की प्राकृतिक गर्मी सोखने की क्षमता खत्म हो चुकी है। घने निर्माण और औद्योगीकरण के कारण शहर का तापमान लगातार बढ़ रहा है जिससे स्थानीय स्तर पर हवा का दबाव प्रभावित होता है।

महाराष्ट्र में विभाग-वार बारिश

क्षेत्रसामान्य बारिशवास्तविक बारिशप्रतिशत
कोकण2868.2 मिमी2592.2 मिमी90.40%
नागपुर1072.5 मिमी687.3 मिमी73.60%
अमरावती749.8 मिमी522.6 मिमी69.70%
पुणे945.0 मिमी648.8 मिमी68.70%
नाशिक707.1 मिमी466.1 मिमी65.90%
औरंगाबाद679.5 मिमी446.1 मिमी65.70%
कुल1004.2 मिमी787.4 मिमी78.40%

कृषि और किसानों पर असर एवं भावी उपाय

विदर्भ के 11 में से 8 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी कम रहा है। अमरावती (-43%) और अकोला (-41%) में बारिश की स्थिति सबसे खराब है।

खरीफ सीजन की मुख्य फसलों सोयाबीन, कपास और धान को इस समय पर्याप्त पानी की जरूरत है। बारिश की कमी और असमान वितरण के कारण फसलों की पैदावार प्रभावित होने की पूरी संभावना है जिससे किसानों पर आर्थिक संकट गहरा सकता है।

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