Nagpur Vidarbha Airport Development: देश के केंद्र में होने के बाद भी नागपुर सहित विदर्भ के साथ एयरलाइंस कंपनियां खिलवाड़ कर रही हैं। नागपुर तो नागपुर, विदर्भ के किसी भी एयरपोर्ट से सुचारु संचालन नहीं हो रहा है। अमरावती में अभी 1 फ्लाइट मुंबई के लिए चालू है तो गोंदिया से कभी विमान सेवा शुरू होती है तो कभी बंद हो जाती है।
अन्य हवाई अड्डों के विषय में यहां कुछ कहना मुश्किल है क्योंकि किसी को जमीन नहीं मिल रही है तो कोई एयरपोर्ट जमीन अधिग्रहण को लेकर लटका हुआ है। अकोला, चंद्रपुर, यवतमाल इसके ज्वलंत उदाहरण हैं। अब गड़चिरोली को हवाई नेटवर्क में लाने की योजना तूल पकड़ रही है लेकिन पहले वाले बेबस पड़े हुए हैं।
राज्य सरकार ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमएडीसी) को जिम्मेदारी दी है लेकिन एमएडीसी का पूरा का पूरा फोकस शिडीं को लेकर है, अन्य एयरपोर्ट हाशिए पर डाल दिए गए हैं।
नागपुर आर्थिक विकास के साथ-साथ मेट्रो, मिहान, बड़े उड़ान पुल, समृद्धि महामार्ग, मनमोहक पर्यटन स्थल के साथ जंगल सफारी को लेकर विश्व के मानचित्र पर छाया हुआ है।
साथ ही एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट जैसी अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं में आगे होने के बाद भी महाराष्ट्र के इस तीसरे सबसे बड़े शहर का इंटरनेशनल एयरपोर्ट बस नाम का ही 'इंटरनेशनल' बनकर रह गया है। बड़ी अपेक्षा के साथ इसे डॉ. बाबासाहब आंबेडकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम दिया गया था लेकिन आज तक यह उनके नाम के अनुरूप भी नहीं बन पाया है।
आईटी, एआई हब चनाने में एयर कनेक्टिविटी बड़ी समस्या है। यह बात आईटी कंपनियों के साथ हुई मीटिंग में संभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी ने भी माना है। हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया है कि इस पर काम होगा लेकिन बैठक में उपस्थित आईटी कंपनी संचालक संतुष्ट नहीं थे, उनका कहना है कि बैंगलुरु, पुणे को टक्कर देना है तो एयर कनेक्टिविटी काफी अहम है।
यहां फ्लाइट तो शुरू की जाती है लेकिन वह कब बंद कर दी जाएगी, कुछ कहा नहीं जा सकता है। नागपुर से जहा लखनऊ, नाशिक, औरंगाबाद और बेलगाम फ्लाइट जहां बंद कर दी गई वहीं अब गोंदिया जिले के बिसी एयरपोर्ट से चलने वाली गोदिया-हैदराबाद फ्लाइट सर्विस फिर अनिश्चितता में घिर गई है।
हालांकि इंडिगो फ्लाइट अभी इस रूट पर अप्रैल 2026 तक बुकिंग ले रहा है लेकिन ऐसा लगता है कि इस रूट पर टिकट बुकिंग सर्विस 1 मई 2026 से बंद कर दी गई है, इसलिए नागरिकों, व्यापारियों और यात्रियों में शक है कि क्या पिछले 2 वर्षों से रेगुलर चल रही गोंदिया-हैदराबाद-गोंदिया फ्लाइट सर्विस बंद हो जाएगी।
इस तरह विदर्भ के साथ हो रहे अन्याय बंद होने चाहिए, तभी इसका विकास संभव हो सकता है। सवाएं शुरू करना और फिर बंद करना एयरलाइंस की मर्जी पर निर्भर करता है। यहीं कारण है कि विमानन क्षेत्र से जुड़े लोग राजनेताओं पर अंगुली उठाते हैं।
टूरिज्म और व्यापार को बढ़ावा। छोटे शहरों के निवासियों के लिए हवाई सफर को सुलभ बनाना। विमानन बुनियादी ढांचे में सुधार।
नागपुर बढ़ रहा है, यह सोच ही गलत है। नागपुर के विकास को सर्वोच्च स्तर से रोका जा रहा है। यही कारण है कि दिग्गज नेता एयरपोर्ट को लेकर कुछ भी नहीं कर पा रहे है, राज्य के अन्य एयरपोर्ट ताबड़तोड़ विकास कर रहे हैं लेकिन नागपुर की मझचार में छोड दिया गया है, कोई भी काम नागपुर में नहीं होना सदेह को जन्म देता है।
दिग्गज नेताओं का पैर खींचने का काम कोई दिल्ली में बैठा व्यक्ति कर रहा है। इसका सबसे अधिक नुकसान सिटी और सिटी के लोगों को हो रहा है। नागपुर के साथ यह गंभीर साजिश रची जा रही है।