नागपुर को ‘नेक्स्ट वेव आईटी हब’ बनाने पर जोर, एयर कनेक्टिविटी और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस

Nagpur IT Hub: विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी ने नागपुर को आईटी, एआई और साइबर सिक्योरिटी का केंद्र बनाने के लिए बुनियादी ढांचे, बेहतर एयर कनेक्टिविटी और 'स्किल बिल्डिंग' पर जोर दिया है।
Divisional Commissioner Vijayalakshmi Bidari emphasized developing Nagpur as an IT and AI hub by improving air connectivity and launching 'One Company One College' initiatives.
नागपुर आईटी, विजयलक्ष्मी बिदरी (फोटो-सोशल मीडिया)
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Nagpur IT Hub Development News: नागपुर सिटी को देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था में एक प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी एवं आईटी सक्षम सेवा केंद्र के साथ ही एआई, साइबर सिक्योरिटी और डेटा एनालिटिक्स के विशेष केंद्र के रूप में विकसित किया जाना आवश्यक है। इसके लिए यहां की आधारभूत सुविधाएं, एयर कनेक्टिविटी, वर्किंग स्पेसेस तथा विशेषज्ञ मानव संसाधन तैयार करने के लिए पहल करने की आवश्यकता है।

यह प्रतिपादन विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी ने किया। विभागीय आयुक्त कार्यालय में महास्ट्राइड अंतर्गत नागपुर को आईटी हब के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से इस क्षेत्र के विशेषज्ञों, शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विशेष विचार-मंथन बैठक का आयोजन महाराष्ट्र विश्व बैंक परियोजना के माध्यम से किया गया था। इस अवसर पर मार्गदर्शन करते हुए वे बोल रही थीं।

उन्होंने कहा कि नागपुर शहर की भौगोलिक स्थिति, मिहान परियोजना तथा विकसित आधारभूत संरचना के कारण यह शहर आईटी हब बनने की बड़ी क्षमता रखता है, इसलिए इस क्षेत्र के उद्योगपतियों, स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी तंत्र को एक मंच पर लाने के साथ-साथ आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।

बढ़ानी होगी एयर कनेक्टिविटी

यदि आईटी उद्योग को नागपुर लाना है तो परिवहन सुविधाओं तथा एयर कनेक्टिविटी को बढ़ाना आवश्यक है। इसके लिए हैदराबाद, पुणे, चेन्नई जैसे आईटी हब शहरों से नागपुर को जोड़ना जरूरी है। अच्छी एयर कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण उद्यमियों को असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। आईटी उद्योगों के लिए मिहान और आसपास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है लेकिन उद्यमियों को आसानी से जगह उपलब्ध हो, इसके लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस आवश्यक है।

साथ ही नागपुर के जो विशेषज्ञ अन्य शहरों में कार्यरत हैं, उन्हें पुनः नागपुर लाने पर भी विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि 'एक कंपनी एक कॉलेज' की तर्ज पर आईटी कंपनियां कॉलेजों को अपनाकर विद्यार्थियों के लिए स्किल बिल्डिंग कार्यक्रम शुरू करें।

लाइफस्टाइल सिटी के रूप में पहचान

  • नागपुर को आईटी हब के रूप में विकसित करने के लिए शहर का सर्वांगीण विकास आवश्यक है। इसके लिए इसे लाइफस्टाइल सिटी के रूप में विकसित करना होगा जहां अच्छे मॉल्स, सिनेमा थिएटर, फाइव स्टार होटल, क्लब हाउस तथा बेहतर परिवहन व्यवस्था उपलब्ध हो।
  • उन्होंने सुझाव दिया कि नागपुर को केवल टियर-2 सिटी नहीं बल्कि 'नेक्स्ट वेव सिटी' के रूप में पहचान मिलनी चाहिए। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं और प्रयास किए जाने चाहिए। बैठक में विदर्भ एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर के अमिताभ खन्ना, नैसकॉम की विजया आगरकर, एआईडी के डॉ. कपिल चंद्रायन, सीआईआई के अध्यक्ष अमिताभ सिन्हा, वरिष्ठ आईटी मेंटर शशिकांत चौधरी आदि उपस्थित थे।
  • सभी ने नागपुर को आईटी हब बनाने के लिए मजबूत प्रयासों की आवश्यकता बताई। प्रारंभ में महास्ट्राइड के परियोजना अधिकारी अजय कुमार तथा उद्योग विशेषज्ञ रंजन पांढरे ने प्रेजेंटेशन दिया। अतिरिक्त जिलाधिकारी प्रवीण महिरे तथा उद्योग, मिहान, सूचना प्रौद्योगिकी आदि विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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