Nagpur University Revaluation Rules: राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया बंद करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके स्थान पर विद्यार्थियों को उनकी उत्तरपत्रिका की स्कैन कॉपी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
सोमवार को हुई सीनेट बैठक में परीक्षा परिणाम समय पर घोषित नहीं होने का मुद्दा उठाए जाने के बाद उपकुलपति डॉ. मनाली क्षीरसागर ने यह जानकारी दी। 9 सितंबर को स्थगित हुई सीनेट की बैठक सोमवार को जमनालाल बजाज प्रशासनिक भवन में हुई।
सीनेट सदस्य डॉ.अजय चव्हाण ने प्रस्ताव के माध्यम से पुनर्परीक्षाओं के परिणाम समय पर घोषित नहीं होने का मुद्दा उठाया। अन्य सदस्यों ने भी इस पर समर्थन जताया। एलएलबी समेत कुछ शाखाओं में इसी वर्ष से प्रयोग किए जाने पर उपकुलपति ने बताया कि ग्रीष्मकालीन-2027 की परीक्षाओं तक पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया बंद करने की तैयारी की जा रही है।
इसके बजाय विद्यार्थियों को उत्तरपत्रिका की स्कैन कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि शीतकालीन-2026 की परीक्षाओं से एलएलबी सहित कुछ अन्य शाखाओं में यह व्यवस्था प्रायोगिक तौर पर शुरू की जाएगी; साथ ही उत्तरपत्रिकाओं का मूल्यांकन करने वाले परीक्षकों की जिम्मेदारी भी निश्चित की जाएगी।
उत्तरपत्रिका को स्कैन कॉपी देखने के बाद यदि किसी विद्यार्थी को लगता है कि उसका मूल्यांकन उचित तरीके से नहीं हुआ है तो वह राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय की शिकायत निवारण समिति के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज करा सकेगा।
समिति शिकायत की जांच कर उस पर निर्णय लेगी। विवि का मानना है कि इस व्यवस्था से पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया में लगने वाला समय कम किया जा सकेगा और परिणाम घोषित करने में होने वाली देरी पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
सीनेट सदस्यों डॉ.अजय चव्हाण ने प्रस्ताव के माध्यम से पुनर्मूल्यांकन के बाद अंक बढ़ने पर विद्यार्थियों को आवेदन शुल्क वापस करने का मुद्दा भी उठाया। सदस्य विष्णु चांगदे ने सुझाव दिया कि पुनर्मूल्यांकन आवेदन में विद्यार्थियों के बैंक खाते का विवरण दर्ज करने की सुविधा दी जानी चाहिए, इससे अंक बढ़ने की स्थिति में शुल्क वापस करने की प्रक्रिया आसान हो सकेगी।
राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के उपकुलपति डॉ. मनाली क्षीरसागर ने इस सुझाव पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि यदि पुनर्मूल्यांकन के बाद विद्यार्थियों के अंक बढ़ते हैं तो उन्हें शुल्क वापस मिलना चाहिए। इसके अलावा पुनर्मूल्यांकन आवेदन में विद्यार्थियों का मोबाइल नंबर दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराने के सुझाव को भी उन्होंने स्वीकार किया।