बागेश्वर बाबा का पर्चा निकला झूठा, धीरेंद्र शास्त्री बोले- पुत्र योग, लेकिन हाे गई चौथी बेटी

Bageshwar Dham Dhirendra Shastri: बागेश्वर धाम में पुत्र योग के बाद फिर बेटी पैदा होने पर पिता स्तब्ध रह गया। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति से काउंसलिंग के बाद पिता ने बेटी को अपनाने का संकल्प लिया।
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धीरेंद्र शास्त्री बोले पुत्र योग, हाे गई चौथी बेटीप्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
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Akhil Bharatiya Andhashraddha Nirmoolan Samiti: बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा पर्चे पर 'पुत्र योग' का दावा किए जाने के बाद एक व्यक्ति के घर में फिर से चौथी बेटी का जन्म हुआ।

इस घटना से शुरुआत में काफी आक्रोशित हुए पिता ने जब अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (अंनिस) से मार्गदर्शन लिया तो उन्होंने अपनी बेटी का पूरे प्रेम और सम्मान के साथ पालन-पोषण करने का संकल्प व्यक्त किया।

बागेश्वर धाम में क्या दावा किया

पीड़ित व्यक्ति द्वारा 'अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति' (अंनिस) को दी गई जानकारी के अनुसार वह अपनी पत्नी की कथित 'प्रेत बाधा' के निवारण के लिए बागेश्वर धाम गया था। वहां उसे दिए गए पर्चे पर कथित तौर पर 'पुत्र योग' लिखा हुआ था। इस पर्चे के आधार पर उसके मन में यह उम्मीद जग गई थी कि अगला अपत्य निश्चित रूप से बेटा ही होगा।

बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा घर पर्चे पर 'पुत्र योग' का दावा किए जाने के बाद में चौथी संतान के रूप में फिर से बेटी का जन्म होने पर पीड़ित पिता स्तब्ध रह गया। जब वह अपना विरोध दर्ज कराने और जवाब मांगने बागेश्वर धाम के दरबार में पहुंचा तो उसे यह कहकर टाल दिया गया कि आपकी तरफ से ही भक्ति या नियम में कुछ गलती हुई होगी। शुरुआत में वह बेहद गुस्से में था लेकिन बाद में उसे अहसास हुआ कि इस पूरी घटना और अपनी नाराजगी का उस मासूम बच्ची से कोई लेना-देना नहीं है।

झांसी के पीड़ित पिता के विचारों में बदलाव

झांसी के पीड़ित पिता ने जब अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति से संपर्क किया तो समिति के पदाधिकारियों ने उनके साथ काउंसलिंग की। पिता ने स्वीकार किया कि बेटे की चाहत में अपनी ही नवजात बेटी से नाराज होना पूरी तरह गलत था।

पिता ने कहा कि हमारी बेटी हमें बहुत प्यारी है। हम उसे अच्छी शिक्षा, सही संस्कार और एक खुशहाल जीवन देने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे, वर्तमान में वह बच्ची लगभग 4 महीने की है। इस पूरे मामले में पिता और 'अंनिस' के पदाधिकारियों के बीच हुई बातचीत का एक ऑडियो क्लिप भी वायरल हो रहा है।

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पीड़ित पिता ने अपना अनुभव सार्वजनिक क्यों किया

पीड़ित पिता ने समिति के माध्यम से नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी दैवीय शक्ति या भविष्यवाणी के दावों पर आंख बंद करके विश्वास न करें बल्कि अपनी विवेक-बुद्धि का इस्तेमाल करें, उन्होंने कहा कि जो धोखा उनके साथ हुआ वैसा अनुभव किसी और के साथ न हो, इसीलिए वे अपनी बात सार्वजनिक कर रहे हैं।

अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने बच्ची के माता-पिता के इस फैसले का स्वागत करते हुए उनका अभिनंदन किया और बच्ची को शुभकामनाएं दी.समिति ने संदेश दिया कि हर बच्चे को समान प्रेम, शिक्षा और सम्मान पाने का पूरा अधिकार है।