नागपुर जिला अस्पताल (फाइल फोटो) 
नागपुर

अब हर जिला अस्पताल में बनेगा हाई-टेक ट्रामा केयर सेंटर, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, CS से मांगी रिपोर्ट

Trauma Care Center Nagpur: केंद्र सरकार की बड़ी पहल। अब हर जिला अस्पताल में होगा ट्रामा केयर सेंटर। नागपुर मेडिकल और एम्स का बोझ होगा कम, दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा तत्काल इलाज।

प्रिया जैस

Trauma Care Center in Nagpur: दुर्घटना के बाद तत्काल उपचार मिल जाए तो गंभीर रूप से जख्मियों की जान बचाई जा सकती है। इस उद्देश्य से ट्रामा यूनिट केयर की संकल्पना साकार हुई है। इसका लाभ भी मरीजों को मिल रहा है, लेकिन अब भी राज्य के कई जिलों में तत्काल स्वास्थ्य सेवा की सुविधा का अभाव है। दुर्घटनाओं में अधिकाधिक जख्मियों को बचाने के लिए केंद्रीय परिवार कल्याण मंत्रालय ने हर जिले के जिला अस्पताल में ट्रामा केयर यूनिट शुरू करने की पहल की है।

इस संबंध में आवश्यक उपकरण, मैनपॉवर सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की जानकारी मांगी गई है। केंद्रीय मंत्रालय के अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से देशभर के हर राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ ट्रामा केयर सेंटर को लेकर बैठक की। इसमें महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व जिला शल्य चिकित्सक डॉ. निवृति राठौड़ ने किया।

इसमें राज्यभर के सभी जिला अस्पतालों में ट्रामा केयर सेंटर शुरू करने के लिए विविध मुद्दों पर चर्चा की गई। ट्रामा केयर सेंटर (Trauma Care Center) के लिए लगने वाला मैनपॉवर, उपकरण, डॉक्टर, नर्सेस, इमारत आदि के बारे में जानकारी देने को कहा है। समूची जानकारी प्राप्त होने के बाद सेंटर के शुरुआत की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।

मेडिकल कॉलेजों का बोझ होगा कम

दरअसल, महानगर पालिकाओं को छोड़कर जिला स्तर पर शासकीय सुविधा के नाम पर जिला अस्पताल कार्यरत है। जिला अस्पताल मुख्यालय में होने से हर तहसील के मरीज आते हैं लेकिन तत्काल उपचार सुविधा का अभाव होने से अक्सर विदर्भ के मरीजों को नागपुर मेडिकल, एम्स में रेफर किया जाता है। इसमें पहुंचने तक वक्त लग जाता है। इस वजह से कई जख्मियों की जान नहीं बचाई जा सकती। यदि हर जिले में ही तत्काल उपचार सुविधा मिल जाए तो मेडिकल कॉलेजों का बोझ कम होगा, वहीं दूसरी ओर घायलों को समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बचाई जा सकती है।

  • 4 ट्रामा केयर सेंटर जिले में
  • 3 पब्लिक हेल्थ के
  • 1 वैद्यकीय शिक्षा विभाग का

2 सेंटर के लिए मैनपॉवर मंजूर

नागपुर जिले में कुल 4 ट्रामा केयर सेंटर ((Trauma Care Center)) हैं। इनमें वैद्यकीय शिक्षा व अनुसंधान विभाग के अंतर्गत कार्यरत ट्रामा केयर सेंटर मेडिकल में चलाया जा रहा है। वहीं सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत काटोल, उमरेड और भिवापुर में एक-एक सेंटर हैं। इनमें काटोल सेंटर की हालत ठीक-ठाक है जबकि उमरेड और भिवापुर के लिए मैनपॉवर को मंजूरी नहीं मिली है। इस वजह से दोनों केंद्रों में आंशिक सेवा दी जा रही है।

सप्ताह में 3-3 दिन डॉक्टर उपलब्ध होते हैं। ओपीडी भी है, लेकिन इमरजेंसी होने पर नागपुर रेफर किया जाता है। फिलहाल चारों ओर स्टेट और नेशनल हाईवे का जाल बिछ गया है। इससे दुर्घटनाएं भी बढ़ी हैं। साथ ही विविध पावर प्लांट, खदानें, विस्फोटक कंपनियां, आर्डनेंस फैक्ट्री भी जिले सहित विदर्भ में हैं।

इनमें होने वाली कैजुअल्टी के वक्त ट्रामा केयर की जरूरत पड़ती है। नागपुर जिला अस्पताल 100 बेड का है। भविष्य में इसकी क्षमता 200 होने वाली है। यदि ट्रामा केयर सेंटर बनता है तो फिर नागपुर में दो सेंटर हो जाएंगे। इससे मरीजों को लाभ मिलेगा।

जिला शल्य चिकित्सक डॉ. निवृत्ति राठौड़ ने कहा केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बैठक में सभी जिला अस्पतालों में ट्रामा केयर सेंटर शुरू करने की पहल की है। इसके लिए जानकारी मांगी गई है। जल्द ही जानकारी भेजी जाएगी। इससे तत्काल स्वास्थ्य सुविधा मिलना आसान हो जाएगा। घायलों को जल्द सुविधा मिलने से दुर्घटना में मरने वालों की संख्या कम की जा सकती है।

  • नवभारत लाइव पर नागपुर से दिनेश टेकाड़े की रिपोर्ट

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