नागपुर मनपा, शिक्षक ड्यूटी, जनगणना ड्यूटी,(सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)  
नागपुर

चुनाव-जनगणना ड्यूटी विवाद: रिकॉर्ड में गड़बड़ी के आरोप, नागपुर मनपा प्रशासन का सख्त एक्शन

Nagpur Municipal Corporation: शिक्षकों की चुनाव और जनगणना ड्यूटी में कथित अनियमितताओं की शिकायत पर मनपा प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। 10 दिनों में रिपोर्ट मांगी गई है।

अंकिता पटेल

Nagpur Municipal Corporation Census Duty: नागपुर महानगरपालिका चुनाव और जनगणना ड्यूटी के आवंटन में शिक्षकों के साथ हुए गंभीर भेदभाव, रिकॉर्ड में हेराफेरी और तानाशाही रवैये के खिलाफ प्रशासन की ओर से आखिरकार सख्त रुख अपनाए जाने की जानकारी पूर्व पार्षद वेदप्रकाश आर्य ने दी।

उन्होंने कहा कि मनपा आयुक्त ने इस मामले में तुरंत एक्शन लेते हुए उपायुक्त मिलिंद मेश्राम को पूरे प्रकरण की गहन जांच कर 10 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का कड़ा आदेश भी दिया है। मनपा आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि चहेते स्कूलों को अनुचित लाभ पहुंचाने और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले दोषी अधिकारियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

तनाव में 4 ने गंवाई जान

आर्य के नेतृत्व में सर्वदलीय उच्च स्तरीय शिष्टमंडल ने मनपा आयुक्त और जिलाधिकारी से तीसरी बार मुलाकात की। शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक मांग पत्र भेजा है। इस पत्र में मांग की गई है कि अत्यधिक भीषण गर्मी और मानसिक तनाव के कारण ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले 4 निर्दोष शिक्षकों राजाराम दामोदर ढोले, अरविंद जोध, गजानन पतकी और संतोष देसाई के परिवारों के प्रति सरकार मानवीय दृष्टिकोण अपनाए। प्रत्येक मृतक शिक्षक के परिवार को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को तत्काल सरकारी नौकरी देने की पुरजोर मांग की गई है।

सॉफ्टवेयर में फर्जीवाड़ा

आर्य ने बताया कि चुनाव ड्यूटी के आधिकारिक रिकॉर्ड में सॉफ्टवेयर के जरिए धोखाधड़ी की गई थी। कुछ अधिकारियों ने दयानंद आर्य कन्या विद्यालय' के शिक्षकों के नाम के आगे जाली तरीके से 'महात्मा गांधी स्कूल' दर्ज कर दिया था। इसका नतीजा यह हुआ कि अधिकारियों के चहेते स्कूलों के महज 0% से 5% स्टाफ को ड्यूटी पर लगाया गया, जबकि दयानंद स्कूल के 95% शिक्षकों को भीषण गर्मी में जबरन ड्यूटी पर झोंक दिया गया।

हद तो तब हो गई जब स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर असमर्थता जताने वाली महिला शिक्षकों को अधिकारियों द्वारा निलंबन और FIR दर्ज कराने की धमकियां देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, शिष्टमंडल में प्रताप गोस्वामी, विजय इंगोले, अधि। हंसराज भांगे, राजू सावलानी, सचिन ऊके, बलराम मनुजा, मनोहर सहजरामानी, तरुण रामदासानी, जगदीश खुशालानी, जीतू केवलरामानी, अभिषेक आर्य, दिलीप हेमराजानी, एड। मेधावी आर्य, प्रकाश भोयर और लता इंगोले शामिल थे।

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